बरेली में दैनिक भास्कर की खबर का एक बार फिर असर हुआ है। अनन्या पांडे का स्टॉल नगर निगम ने वापस कर दिया है। भास्कर ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया था, जिसके बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया था। अनन्या से एक हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। अनन्या को चेतावनी दी गई है कि वो अब अतिक्रमण नहीं करेगी। रेवेन्यू इंस्पेक्टर सच्चिदानंद सिंह ने कहा मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) पर शिकायत के बाद चौकी चौराहा पर जितने भी स्टॉल, फड़, ठेले लगे थे, उन सभी को हटाया गया था। क्या बोले रेवेन्यू इंस्पेक्टर सच्चिदानंद सिंह
नगर निगम में रेवेन्यू इंस्पेक्टर सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि अनन्या पांडे ने उनके साथ गलत व्यवहार किया था। जब वो IGRS की शिकायत पर अतिक्रमण हटाने गए तो केवल अनन्या पांडे का स्टॉल ही नहीं बल्कि वहां लगे सभी स्टॉल हटाए गए थे। उन्होंने बताया क्योंकि जिस जगह स्टॉल लगते है वहां पर चर्च है। चर्च के पादरी सुनील मसीह ने भी शिकायत की थी कि स्टॉल वाले गंदगी चर्च में फेंक देते है। जिसके बाद वो अतिक्रमण हटाने गए थे। अब अनन्या ने एक एफिडेविट दिया है कि वो अब कभी भी अतिक्रमण नहीं करेगी। नगर निगम की कार्रवाई ने तोड़े एक बेटी के सपने
गांव की पगडंडियों से निकलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को सच करने निकली एक बेटी के अरमानों पर नगर निगम का बुलडोजर फिर गया। कभी बैंक तो कभी एजुकेशन सेक्टर में नौकरी करने वाली अनन्या पांडे ने हादसों में फ्रैक्चर हुए हाथ-पैरों की परवाह किए बिना बरेली में ‘अनन्या किचन’ की शुरुआत की थी। वह अपने परिवार का संबल बनी ही थी कि नगर निगम की टीम ने पल भर में उसकी रोजी-रोटी को मलबे में तब्दील कर दिया। यह कहानी यूपी के बरेली की रहने वाली अनन्या पांडे की है, जिसकी हिम्मत को बुलडोजर से कुचलने की कोशिश की गई। बीच सड़क पर अनन्या का स्टॉल किया धराशायी
बरेली के सिविल लाइंस में जेल रोड पर किराए के कमरे में रहने वाली 24 वर्षीय अनन्या पांडे ने 6 महीने पहले ‘अनन्या किचन’ नाम से फास्ट फूड का स्टॉल शुरू किया था। चौकी चौराहा स्थित बटलर प्लाजा के सामने लगने वाले इस स्टॉल के स्वाद के लोग दीवाने होने लगे थे। लेकिन बीते गुरुवार को नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी सच्चिदानंद प्रवर्तन दल की टीम और बुलडोजर के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि वहां कतार में लगे अन्य कई स्टॉल्स के बीच से सिर्फ अनन्या के स्टॉल को निशाना बनाया गया और उसे बुलडोजर से उठाकर पटक दिया गया, जिससे वह पूरी तरह टूट गया। मेयर ने दिया मदद और भरपाई का भरोसा
इस घटना के बाद अनन्या ने मेयर डॉ. उमेश गौतम से मदद की गुहार लगाई थी। मेयर ने अनन्या को आश्वासन दिया था कि उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी और उन्हें पहले से बेहतर स्टॉल बनवाकर दिया जाएगा। गौरतलब है कि अनन्या को पूर्व में खुद मेयर और महिला आयोग की अध्यक्ष पुष्पा पांडे ने सम्मानित किया था। मेयर ने एक समय अनन्या के जज्बे का उदाहरण देते हुए उनकी जमकर तारीफ की थी। अब अनन्या ने अतिक्रमण प्रभारी सच्चिदानंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अतिक्रमण प्रभारी पर बदसलूकी के आरोप
अनन्या का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनके साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने बताया, “मैंने उनसे कहा कि आप मेरा चालान काट लीजिए, लेकिन मेरा स्टॉल उठाकर मत ले जाइए। इस पर प्रभारी और अधिक भड़क गए और 25 हजार की पर्ची काटने की धमकी दी।” अनन्या के अनुसार, विरोध के बावजूद उनके सामने ही उनके स्वाभिमान और रोजगार के साधन को तोड़ दिया गया। बीमार पिता और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी
पीलीभीत के बीसलपुर तहसील के हबीबुल्ला खां शुमाली की रहने वाली अनन्या अपने परिवार में सबसे बड़ी है। उनके पिता विवेक पांडे को पैरालिसिस होने के कारण वे बेड पर हैं, जिससे उनकी नौकरी छूट गई। माता-पिता दोनों शिक्षा मित्र हैं। अनन्या ने बीबीए और डीएलएड करने के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाली। उनकी छोटी बहन अंशिका ऑप्टोमेट्री का डिप्लोमा कर रही है और भाई अच्युत 9वीं में पढ़ता है। भाई-बहनों की पढ़ाई और बीमार पिता की देखभाल के लिए ही अनन्या ने यह स्टार्टअप शुरू किया था।


