गयाजी में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बुधवार को गया शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान से एक जागरूकता अभियान और साइकिल रैली निकाली गई। सैकड़ों युवाओं ने इस रैली में भाग लेकर पूरे शहर में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन और प्रदूषण मुक्त भारत का संदेश दिया। इस रैली का नेतृत्व स्वयंसेवक करण गुप्ता और विशाल कुमार ने किया। रैली की शुरुआत गांधी मैदान से हुई, जहां युवाओं ने हाथों में जागरूकता संदेश वाले पोस्टर और बैनर ले रखे थे। उन्होंने लोगों को साइकिल के महत्व के बारे में जानकारी दी। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इस रैली ने आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। जगह-जगह लोगों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल अपनाने की अपील का समर्थन किया। पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी इस अवसर पर विशाल कुमार और करण गुप्ता ने बताया कि देश में मोटर वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण, ईंधन संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का उपयोग करने से पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी, साथ ही प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण मौसम का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में साइकिल जैसे पर्यावरण अनुकूल साधनों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं ने लोगों से अपनी दैनिक दिनचर्या में साइकिल को शामिल करने और पर्यावरण बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की। लोगों को जागरूक करने का अभियान रैली में शामिल प्रतिभागी कुमारी कृष्णा ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें तथा उनके उपयोग से बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। साइकिल का प्रयोग करने से न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि नियमित व्यायाम से व्यक्ति स्वस्थ और फिट भी रहता है। उन्होंने कहा कि आजकल स्कूल और कॉलेज जाने वाले अधिकांश छात्र छोटी दूरी के लिए भी मोटरसाइकिल का उपयोग करते हैं, जबकि साइकिल बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे युवाओं की शारीरिक सक्रियता बढ़ेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प
रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। युवाओं ने एक स्वर में कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, सुरक्षित पर्यावरण और बेहतर भविष्य देना है तो साइकिल को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। विश्व साइकिल दिवस पर निकली यह रैली न केवल जागरूकता का संदेश देने में सफल रही, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराया। गयाजी में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बुधवार को गया शहर के ऐतिहासिक गांधी मैदान से एक जागरूकता अभियान और साइकिल रैली निकाली गई। सैकड़ों युवाओं ने इस रैली में भाग लेकर पूरे शहर में पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य संवर्धन और प्रदूषण मुक्त भारत का संदेश दिया। इस रैली का नेतृत्व स्वयंसेवक करण गुप्ता और विशाल कुमार ने किया। रैली की शुरुआत गांधी मैदान से हुई, जहां युवाओं ने हाथों में जागरूकता संदेश वाले पोस्टर और बैनर ले रखे थे। उन्होंने लोगों को साइकिल के महत्व के बारे में जानकारी दी। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इस रैली ने आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया। जगह-जगह लोगों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण के लिए साइकिल अपनाने की अपील का समर्थन किया। पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी इस अवसर पर विशाल कुमार और करण गुप्ता ने बताया कि देश में मोटर वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वायु प्रदूषण, ईंधन संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का उपयोग करने से पेट्रोल और डीजल की खपत कम होगी, साथ ही प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है। बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण मौसम का स्वरूप बदल रहा है। ऐसे में साइकिल जैसे पर्यावरण अनुकूल साधनों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। युवाओं ने लोगों से अपनी दैनिक दिनचर्या में साइकिल को शामिल करने और पर्यावरण बचाने की इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की। लोगों को जागरूक करने का अभियान रैली में शामिल प्रतिभागी कुमारी कृष्णा ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें तथा उनके उपयोग से बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है। साइकिल का प्रयोग करने से न केवल आर्थिक बचत होती है, बल्कि नियमित व्यायाम से व्यक्ति स्वस्थ और फिट भी रहता है। उन्होंने कहा कि आजकल स्कूल और कॉलेज जाने वाले अधिकांश छात्र छोटी दूरी के लिए भी मोटरसाइकिल का उपयोग करते हैं, जबकि साइकिल बेहतर विकल्प हो सकती है। इससे युवाओं की शारीरिक सक्रियता बढ़ेगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प
रैली के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। युवाओं ने एक स्वर में कहा कि यदि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, सुरक्षित पर्यावरण और बेहतर भविष्य देना है तो साइकिल को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। विश्व साइकिल दिवस पर निकली यह रैली न केवल जागरूकता का संदेश देने में सफल रही, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास भी कराया।


