पूर्वी चंपारण जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मोतिहारी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर पुलिस द्वारा सिलारिया फार्मेसी कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक शामिल हुए। इसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधियों से बचाव के तरीके बताना था। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष प्रीतीश कुमार, साइबर इंस्पेक्टर मनीष कुमार और जमुना सिकरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर साइबर थाना की टीम के कई पुलिसकर्मी भी उपस्थित थे। उन्होंने छात्रों और युवाओं को साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही
साइबर डीएसपी प्रीतीश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि जिले में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेष रूप से सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी के माध्यम से ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कुमार ने आगे कहा कि अपराधी अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से उनकी गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करने की सलाह दी। पुलिसकर्मियों ने मोबाइल फोन की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड के उपयोग और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) अपनाने पर जोर दिया। आकर्षक ऑफर के झांसे में न आने की विशेष हिदायत दी गई उन्होंने संदिग्ध ऐप्स या लिंक्स से दूर रहने की भी सलाह दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। छात्रों को सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने और किसी भी प्रकार के लालच या आकर्षक ऑफर के झांसे में न आने की विशेष हिदायत दी गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम से लोगों में सतर्कता बढ़ेगी और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पूर्वी चंपारण जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मोतिहारी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साइबर पुलिस द्वारा सिलारिया फार्मेसी कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक शामिल हुए। इसका उद्देश्य युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले साइबर अपराधियों से बचाव के तरीके बताना था। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर पुलिस अधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष प्रीतीश कुमार, साइबर इंस्पेक्टर मनीष कुमार और जमुना सिकरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर साइबर थाना की टीम के कई पुलिसकर्मी भी उपस्थित थे। उन्होंने छात्रों और युवाओं को साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही
साइबर डीएसपी प्रीतीश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि जिले में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। विशेष रूप से सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी के माध्यम से ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कुमार ने आगे कहा कि अपराधी अक्सर खुद को बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से उनकी गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करने की सलाह दी। पुलिसकर्मियों ने मोबाइल फोन की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड के उपयोग और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) अपनाने पर जोर दिया। आकर्षक ऑफर के झांसे में न आने की विशेष हिदायत दी गई उन्होंने संदिग्ध ऐप्स या लिंक्स से दूर रहने की भी सलाह दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। छात्रों को सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने और किसी भी प्रकार के लालच या आकर्षक ऑफर के झांसे में न आने की विशेष हिदायत दी गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम से लोगों में सतर्कता बढ़ेगी और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


