एक ही दिन सीयूईटी यूजी और बीसीईसीई परीक्षाएं, असमंजस में हैं बिहार के हजारों छात्र

एक ही दिन सीयूईटी यूजी और बीसीईसीई परीक्षाएं, असमंजस में हैं बिहार के हजारों छात्र

बिहार के हजारों छात्रों के सामने एक अजीब और चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट’ (सीयूईटी यूजी- 2026) और राज्य की प्रतिष्ठित ‘बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा’ (बीसीईसीई-2026) की तारीखें आपस में टकरा गई हैं। दोनों ही परीक्षाएं 30 मई को आयोजित होने वाली हैं। ऐसे में वे हजारों ‘म्युचुअल’ (साझा) छात्र बेहद परेशान हैं जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरा है। अब उनके सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि वे किस परीक्षा में शामिल हों और किसे छोड़ें, क्योंकि एक भी परीक्षा छूटने का सीधा असर उनके पूरे साल और कॅरियर पर पड़ेगा। एनटीए के बाद बीसीईसीईबी ने जारी किया शेड्यूल इस पूरे टकराव की शुरुआत तब हुई जब दोनों बोर्ड ने अपनी-अपनी अधिसूचनाएं जारी कीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पहले कदम उठाते हुए 5 मई 2026 को एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के जरिए एनटीए ने बताया कि सीयूईटी (यूजी) परीक्षा 11 मई से 31 मई के बीच सीबीटी मोड में हो रही है। एनटीए ने इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। इस घोषणा के कुछ ही दिनों बाद, 12 मई को बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (बीसीईसीईबी) ने एक नया नोटिस जारी किया। इसमें खराब मौसम और नेटवर्क की दिक्कतों के कारण ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तारीखों को तो आगे बढ़ाया ही गया, साथ ही परीक्षा की प्रस्तावित तारीखों की भी घोषणा कर दी गई। बीसीईसीईबी के मुताबिक यह परीक्षा 30 और 31 मई को आयोजित की जानी है। यहीं से छात्रों की मुसीबतें शुरू हो गईं क्योंकि 30 और 31 मई को सीयूईटी की परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। दोनों परीक्षाओं की तारीखें एक ही दिन 30 मई होने की वजह से छात्रों के पास कोई विकल्प नहीं बच रहा है। छात्रों का कहना है कि एनटीए ने अपनी तारीखें पहले घोषित कर दी थीं, इसलिए राज्य सरकार के बोर्ड को परीक्षा का शेड्यूल तय करते समय इसका ध्यान रखना चाहिए। अगर किसी भी एक बोर्ड ने अपनी परीक्षा की तारीख में बदलाव नहीं किया, तो हजारों छात्रों को एक परीक्षा से हाथ धोना पड़ेगा। बिहार के हजारों छात्रों के सामने एक अजीब और चिंताजनक स्थिति पैदा हो गई है। देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट’ (सीयूईटी यूजी- 2026) और राज्य की प्रतिष्ठित ‘बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा’ (बीसीईसीई-2026) की तारीखें आपस में टकरा गई हैं। दोनों ही परीक्षाएं 30 मई को आयोजित होने वाली हैं। ऐसे में वे हजारों ‘म्युचुअल’ (साझा) छात्र बेहद परेशान हैं जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए फॉर्म भरा है। अब उनके सामने सबसे बड़ा संकट यह है कि वे किस परीक्षा में शामिल हों और किसे छोड़ें, क्योंकि एक भी परीक्षा छूटने का सीधा असर उनके पूरे साल और कॅरियर पर पड़ेगा। एनटीए के बाद बीसीईसीईबी ने जारी किया शेड्यूल इस पूरे टकराव की शुरुआत तब हुई जब दोनों बोर्ड ने अपनी-अपनी अधिसूचनाएं जारी कीं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने पहले कदम उठाते हुए 5 मई 2026 को एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के जरिए एनटीए ने बताया कि सीयूईटी (यूजी) परीक्षा 11 मई से 31 मई के बीच सीबीटी मोड में हो रही है। एनटीए ने इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी। इस घोषणा के कुछ ही दिनों बाद, 12 मई को बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (बीसीईसीईबी) ने एक नया नोटिस जारी किया। इसमें खराब मौसम और नेटवर्क की दिक्कतों के कारण ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तारीखों को तो आगे बढ़ाया ही गया, साथ ही परीक्षा की प्रस्तावित तारीखों की भी घोषणा कर दी गई। बीसीईसीईबी के मुताबिक यह परीक्षा 30 और 31 मई को आयोजित की जानी है। यहीं से छात्रों की मुसीबतें शुरू हो गईं क्योंकि 30 और 31 मई को सीयूईटी की परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। दोनों परीक्षाओं की तारीखें एक ही दिन 30 मई होने की वजह से छात्रों के पास कोई विकल्प नहीं बच रहा है। छात्रों का कहना है कि एनटीए ने अपनी तारीखें पहले घोषित कर दी थीं, इसलिए राज्य सरकार के बोर्ड को परीक्षा का शेड्यूल तय करते समय इसका ध्यान रखना चाहिए। अगर किसी भी एक बोर्ड ने अपनी परीक्षा की तारीख में बदलाव नहीं किया, तो हजारों छात्रों को एक परीक्षा से हाथ धोना पड़ेगा।  

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