मऊ जनपद में बदलते मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। तापमान में गिरावट और मौसमी उतार-चढ़ाव के चलते वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और एलर्जी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर जिला अस्पताल की ओपीडी पर पड़ा है, जहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले कुछ दिनों में तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और चिकित्सक कक्षों के बाहर बड़ी संख्या में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने सभी चिकित्सकों को समय पर अपने कक्षों में उपस्थित रहने तथा मरीजों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रशासन को भी ओपीडी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, इसलिए मौसम के अनुरूप कपड़े पहनें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और संतुलित खानपान का ध्यान रखें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से ठंड के संपर्क में आने से बचाने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर उपचार और आवश्यक सावधानियां बरतकर मौसमी बीमारियों के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है।


