पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत जिले में शिक्षा विभाग (डीआईओएस कार्यालय) में तैनात एक साधारण चपरासी ने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया है। इल्हाम उर रहमान शम्सी नाम का यह चपरासी करोड़ों रुपये का मालिक निकला। जांच में पता चला कि उसकी तीन पत्नियां हैं और उनमें से दो के बैंक खातों में ही 59 लाख रुपये की एफडी जमा हैं। कुल 53 संदिग्ध बैंक खातों से 5.28 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि उसने सरकारी खजाने से करोड़ों का गबन किया।
जांच के अनुसार, इल्हाम उर रहमान शम्सी बीसलपुर के जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात था। उसने पिछले करीब दो सालों में शिक्षा विभाग से जुड़े फर्जी कर्मचारियों और पेंशनरों के नाम पर सरकारी धन ट्रांसफर करवाया। कई खाताधारकों को फर्जी तरीके से ‘शिक्षा विभाग के कर्मचारी’ दिखाकर उनके खातों में पैसे भेजे गए।
तीन पत्नियां और उनके खाते
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इल्हाम की तीन पत्नियां हैं, जो अलग-अलग जिलों में रहती हैं, अर्शी खातून इल्हाम की पहली पत्नी वह पीलीभीत में रहती हैं। इल्हाम ने फर्जीवाड़े से उसे सरकारी शिक्षिका (टीचर) बना दिया था। उसके खाते में वेतन भिजवाया जाता था। इस मामले में अर्शी खातून जेल में है।
अजरा इल्हाम की दूसरी पत्नी है, वह खुर्जा, बुलंदशहर में रहती है, उनके खाते में 25 लाख रुपये की एफडी। तीसरी पत्नी लुबना संभल में रहती है। उनके खाते में लेन-देन की जांच जारी है।
इसके अलावा एक रिश्तेदार महिला के खाते में भी एफडी थी, जिसे भी फ्रीज कर दिया गया। कुल मिलाकर दो पत्नियों और रिश्तेदार के खातों में 59 लाख रुपये की एफडी जमा पाई गई।
5.28 करोड़ रुपए का कर चुका है गबन
पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि इल्हाम ने 53 बैंक खातों का इस्तेमाल कर 5.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि इधर-उधर की। कुछ रकम जेएचएम इंफ्रा होम प्राइवेट लिमिटेड (बरेली) और ओरिका होम्स जैसी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों को भी नोटिस जारी कर दिए हैं।
एक बैंक मैनेजर की सूचना पर यह पूरा घोटाला सामने आया। स्पेशल पुलिस (पीलीभीत) सुकीर्ति माधव ने मामले की पुष्टि की। फिलहाल इल्हाम शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून पर केस दर्ज है। पुलिस रोजाना इन खातों की निगरानी कर रही है ताकि कोई और लेन-देन न हो सके।
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