औरंगाबाद में भाकपा माले का प्रतिरोध मार्च:पटना में इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या का विरोध, कहा- जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा

औरंगाबाद में भाकपा माले का प्रतिरोध मार्च:पटना में इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या का विरोध, कहा- जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा

औरंगाबाद में भाकपा माले ने शुक्रवार को प्रतिरोध मार्च निकाला और पटना में इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या का विरोध जताया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। जिन्होंने छात्राओं की सुरक्षा पर चिंता जताई। बताया जाता है कि औरंगाबाद के ओबरा की रहने वाली छात्रा पटना के राघोपुर इलाके में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी, जहां उसकी हत्या कर दी गई। भाकपा माले ने औरंगाबाद में प्रतिरोध मार्च निकालकर अपना विरोध जताया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश हो रही है मार्च शहर के गांधी मैदान से शुरू होकर नगर थाना, धर्मशाला मोड़, मुख्य बाजार और सब्जी मंडी होते हुए रमेश चौक तक पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारी उसी मार्ग से वापस लौटे। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर ‘न्याय दो’, ‘बेटियों की सुरक्षा करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना में लगातार छात्राओं की हत्या हो रही है, लेकिन पुलिस इन मामलों में गंभीरता नहीं दिखा रही। नेताओं ने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या के मामले को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है भाकपा माले नेताओं ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांड के उद्भेदन के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रतिरोध मार्च के माध्यम से भाकपा माले ने संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने सभी सामाजिक और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। औरंगाबाद में भाकपा माले ने शुक्रवार को प्रतिरोध मार्च निकाला और पटना में इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या का विरोध जताया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। जिन्होंने छात्राओं की सुरक्षा पर चिंता जताई। बताया जाता है कि औरंगाबाद के ओबरा की रहने वाली छात्रा पटना के राघोपुर इलाके में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी, जहां उसकी हत्या कर दी गई। भाकपा माले ने औरंगाबाद में प्रतिरोध मार्च निकालकर अपना विरोध जताया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता है, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। हत्या को आत्महत्या साबित करने की कोशिश हो रही है मार्च शहर के गांधी मैदान से शुरू होकर नगर थाना, धर्मशाला मोड़, मुख्य बाजार और सब्जी मंडी होते हुए रमेश चौक तक पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारी उसी मार्ग से वापस लौटे। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर ‘न्याय दो’, ‘बेटियों की सुरक्षा करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना में लगातार छात्राओं की हत्या हो रही है, लेकिन पुलिस इन मामलों में गंभीरता नहीं दिखा रही। नेताओं ने यह भी कहा कि इंजीनियरिंग छात्रा की हत्या के मामले को आत्महत्या साबित करने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है भाकपा माले नेताओं ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांड के उद्भेदन के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान की जाए। प्रतिरोध मार्च के माध्यम से भाकपा माले ने संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने सभी सामाजिक और राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।  

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