मुजफ्फरपुर के 23 पंचायतों में शुरू हुआ सहयोग शिविर:मंत्री दिलीप जायसवाल बोले- 30 दिनों में शिकायत का निपटारा, पेंडिंग रखने पर कार्रवाई होगी

मुजफ्फरपुर के 23 पंचायतों में शुरू हुआ सहयोग शिविर:मंत्री दिलीप जायसवाल बोले- 30 दिनों में शिकायत का निपटारा, पेंडिंग रखने पर कार्रवाई होगी

मुजफ्फरपुर के 23 जिलों में आज से ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत हुई है। बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। बाबा गरीब स्थान मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि अब आम जनता को अपने काम के लिए प्रखंड, अनुमंडल और जिला कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि सरकार खुद पंचायत स्तर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी। ‘सहयोग शिविर’ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सराहनीय सोच का परिणाम है, जिसके तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एक-एक पदाधिकारी को जिम्मेदार बनाया गया है और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निष्पादन हर हाल में किया जाए, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी खुद को निलंबित मानें। यह कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। आज 23 पंचायत में शुरू हुआ सहयोग शिविर जिले में आज 19 मई को पहले चरण में 23 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक कर सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर से पूर्व प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और शिविर स्थल पर ही आवेदकों को सेवा अथवा निष्पादन की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। 8008 आवेदन, एक भी मामला लंबित नहीं रखने का निर्देश जिले की 373 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में जिले की 23 पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए अब तक 8008 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पंचायतों का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। इन पंचायत में आज लगाए जा रहे शिविर आज आयोजित हो रहे शिविरों में बंदरा प्रखंड का बंदरा पंचायत, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा एवं खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा एवं बांस घाट, मुरौल का मीरापुर, मुसहरी के जमालाबाद एवं झपहा, कांटी का वीरपुर, पारु का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल एवं दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग एवं सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं। तीन जगह पर शिविर का निरीक्षण करेंगे दिलीप जायसवाल मंत्री दिलीप जायसवाल भी मैदान में उतरेंगे। वह मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद पंचायत सरकार भवन, मीनापुर प्रखंड के धर्मपुर पंचायत सरकार भवन तथा कुढ़नी प्रखंड के खरौनाडीह पंचायत भवन में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्था एवं शिकायत निवारण की स्थिति का जायजा लेंगे। वहीं जल संसाधन विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह सकरा के बाजी बुजुर्ग, मुरौल के मीरापुर तथा कुढ़नी के सुमैरा पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद और भरोसे को मजबूत करने की पहल है। शिविर संचालन के लिए 48 विभागों के 73 अधिकारियों का यूजर आईडी बनाया गया है और सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन कर शिकायतों के निष्पादन की स्थिति अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर 1100 और पोर्टल भी सक्रिय आम नागरिकों की सुविधा के लिए ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और सहयोग पोर्टल sahyog.bihar.gov.in भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने सभी शिकायतों के 30 दिनों के भीतर निष्पादन का सख्त निर्देश दिया है। मुजफ्फरपुर के 23 जिलों में आज से ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत हुई है। बिहार सरकार के भूमि एवं राजस्व मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार का ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। बाबा गरीब स्थान मंदिर में दर्शन एवं पूजा-अर्चना करने के बाद मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि अब आम जनता को अपने काम के लिए प्रखंड, अनुमंडल और जिला कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि सरकार खुद पंचायत स्तर तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी। ‘सहयोग शिविर’ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सराहनीय सोच का परिणाम है, जिसके तहत पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का ऑन द स्पॉट समाधान किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि एक-एक पदाधिकारी को जिम्मेदार बनाया गया है और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। सरकार ने सख्त निर्देश दिया है कि 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निष्पादन हर हाल में किया जाए, अन्यथा संबंधित पदाधिकारी खुद को निलंबित मानें। यह कार्यक्रम प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। आज 23 पंचायत में शुरू हुआ सहयोग शिविर जिले में आज 19 मई को पहले चरण में 23 पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक कर सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिविर से पूर्व प्राप्त सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और शिविर स्थल पर ही आवेदकों को सेवा अथवा निष्पादन की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। 8008 आवेदन, एक भी मामला लंबित नहीं रखने का निर्देश जिले की 373 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में जिले की 23 पंचायतों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जिसके लिए अब तक 8008 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पंचायतों का कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। इन पंचायत में आज लगाए जा रहे शिविर आज आयोजित हो रहे शिविरों में बंदरा प्रखंड का बंदरा पंचायत, गायघाट का बरूआरी, कुढ़नी के सुमेरा एवं खरौनाडीह, मीनापुर का धरमपुर, मोतीपुर के महमदपुर महमदा एवं बांस घाट, मुरौल का मीरापुर, मुसहरी के जमालाबाद एवं झपहा, कांटी का वीरपुर, पारु का चांद केवारी, साहेबगंज का अहियापुर, सरैया के मधौल एवं दातापुर पंचभरिया, बोचहा का शर्मा, औराई के अतरार एवं मथुरापुर बुजुर्ग, मरवन का बड़का गांव उत्तरी, कटरा का हथौरी तथा सकरा के बाजी बुजुर्ग एवं सरमस्तपुर पंचायत शामिल हैं। तीन जगह पर शिविर का निरीक्षण करेंगे दिलीप जायसवाल मंत्री दिलीप जायसवाल भी मैदान में उतरेंगे। वह मुसहरी प्रखंड के जमालाबाद पंचायत सरकार भवन, मीनापुर प्रखंड के धर्मपुर पंचायत सरकार भवन तथा कुढ़नी प्रखंड के खरौनाडीह पंचायत भवन में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्था एवं शिकायत निवारण की स्थिति का जायजा लेंगे। वहीं जल संसाधन विभाग के सचिव सह जिला प्रभारी सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह सकरा के बाजी बुजुर्ग, मुरौल के मीरापुर तथा कुढ़नी के सुमैरा पंचायत में आयोजित शिविरों का निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि ‘सहयोग शिविर’ केवल शिकायत निवारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद और भरोसे को मजबूत करने की पहल है। शिविर संचालन के लिए 48 विभागों के 73 अधिकारियों का यूजर आईडी बनाया गया है और सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन कर शिकायतों के निष्पादन की स्थिति अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। हेल्पलाइन नंबर 1100 और पोर्टल भी सक्रिय आम नागरिकों की सुविधा के लिए ‘सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100’ और सहयोग पोर्टल sahyog.bihar.gov.in भी सक्रिय कर दिया गया है, जहां लोग अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने सभी शिकायतों के 30 दिनों के भीतर निष्पादन का सख्त निर्देश दिया है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *