डीएस कॉलेज में हरे पेड़ों की कटाई पर विवाद:कटिहार में छात्र संगठनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की,विभाग ने जब्त की लकड़ी

डीएस कॉलेज में हरे पेड़ों की कटाई पर विवाद:कटिहार में छात्र संगठनों ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की,विभाग ने जब्त की लकड़ी

कटिहार के दर्शन शाह महाविद्यालय (डीएस कॉलेज) परिसर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर छात्र संगठनों में आक्रोश है और उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा मामले की जांच की मांग की है। बताया गया है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान में कॉलेज परिसर का एक अशोक का पेड़ गिर गया था। कॉलेज प्रशासन ने गिरे हुए पेड़ की छंटाई और उसे हटाने के लिए मजदूरों को बुलाया था। हालांकि, छात्र संगठनों का आरोप है कि इसी बहाने परिसर के अन्य स्वस्थ, फलदार और छायादार पेड़ों की भी कटाई शुरू कर दी गई। पेड़ों की कटाई की जानकारी मिलते ही छात्र संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और कार्य को रुकवा दिया। छात्र संगठन से जुड़े मो. इकबाल और मो. मिट्ठू ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने सिर्फ गिरे हुए पेड़ को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन मजदूर अन्य स्वस्थ पेड़ों को भी काट रहे थे, जो गलत है। वन विभाग ने पेड़ों को जब्त किया छात्र नेताओं ने इस मामले की सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कटे हुए पेड़ों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और उचित निगरानी न होने के कारण परिसर की हरियाली को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई इस संबंध में डीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने केवल आंधी में गिरे पेड़ की छंटाई का निर्देश दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इसके अतिरिक्त किसी अन्य हरे-भरे पेड़ को काटा गया है, तो यह गलत है। प्राचार्य ने पूरे मामले की जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना को लेकर कॉलेज परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। छात्र संगठन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। कटिहार के दर्शन शाह महाविद्यालय (डीएस कॉलेज) परिसर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर छात्र संगठनों में आक्रोश है और उन्होंने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा मामले की जांच की मांग की है। बताया गया है कि हाल ही में आए आंधी-तूफान में कॉलेज परिसर का एक अशोक का पेड़ गिर गया था। कॉलेज प्रशासन ने गिरे हुए पेड़ की छंटाई और उसे हटाने के लिए मजदूरों को बुलाया था। हालांकि, छात्र संगठनों का आरोप है कि इसी बहाने परिसर के अन्य स्वस्थ, फलदार और छायादार पेड़ों की भी कटाई शुरू कर दी गई। पेड़ों की कटाई की जानकारी मिलते ही छात्र संगठन के सदस्य मौके पर पहुंचे और कार्य को रुकवा दिया। छात्र संगठन से जुड़े मो. इकबाल और मो. मिट्ठू ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने सिर्फ गिरे हुए पेड़ को हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन मजदूर अन्य स्वस्थ पेड़ों को भी काट रहे थे, जो गलत है। वन विभाग ने पेड़ों को जब्त किया छात्र नेताओं ने इस मामले की सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कटे हुए पेड़ों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। छात्र संगठनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और उचित निगरानी न होने के कारण परिसर की हरियाली को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई इस संबंध में डीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत कुमार ने कहा कि उन्होंने केवल आंधी में गिरे पेड़ की छंटाई का निर्देश दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इसके अतिरिक्त किसी अन्य हरे-भरे पेड़ को काटा गया है, तो यह गलत है। प्राचार्य ने पूरे मामले की जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस घटना को लेकर कॉलेज परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। छात्र संगठन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।  

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