महाराष्ट्र विधान परिषद की एक सीट पर आघाड़ी में रार, कांग्रेस बोली- उद्धव के अलावा कोई और मंजूर नहीं!

महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की रिक्त होने वाली 9 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही सभी प्रमुख दलों में टिकट के लिए दौड़ तेज हो गई है और कई बड़े नाम मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।

इन दिग्गजों के नाम पर चर्चा

राजनीतिक गलियारों में जिन नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे (शिवसेना), भाजपा के प्रदेश महासचिव राजेश पांडे, पूर्व सांसद संजय काकड़े के बेटे विक्रम काकड़े शामिल हैं। वहीं, एनसीपी की ओर से भोर के नेता रणजीत शिवतरे भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, विपक्षी खेमे में महाविकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन में शिवसेना (उद्धव गुट) की उपनेता सुषमा अंधारे भी टिकट के लिए जोर लगा रही हैं।

कांग्रेस की तरफ से भी हलचल तेज है। इस एक सीट के लिए पुणे के पूर्व विधायक मोहन जोशी एक बार फिर से अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।

दरअसल राज्य विधानसभा में संख्याबल के आधार पर विपक्ष 9 से केवल एक सीट ही जीत सकता है। महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा नीत महायुति के पास भारी बहुमत है।

MVA में टिकट को लेकर खींचतान संभव

महाविकास आघाड़ी (MVA) में इस बार कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के बीच उस एक सीट को लेकर संघर्ष देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर उद्धव ठाकरे चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो सुषमा अंधारे को मौका मिल सकता है। लेकिन कांग्रेस ने साफ तौर पर कहा है कि अगर उद्धव ठाकरे को उम्मीदवार नहीं बनाया जाता है तो यह सीट उनकी पार्टी को दी जानी चाहिए।

कांग्रेस में भी दावेदारी तेज

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गुरुवार को कहा कि यदि शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे विधान परिषद (एमएलसी) का चुनाव दोबारा नहीं लड़ना चाहते हैं, तो उनकी पार्टी उस एक सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारना चाहती थी और विधान परिषद के लिए उद्धव ठाकरे को एमवीए का चेहरा बनाने का प्रस्ताव भी दिया था। हालांकि, एमवीए गठबंधन ने राज्यसभा के लिए शरद पवार को उम्मीदवार बनाया। अगर इस बार उद्धव ठाकरे विधान परिषद का चुनाव नहीं लड़ते हैं, तो यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए।

दरअसल कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और एनसीपी (एसपी) का गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) अपनी संयुक्त ताकत के आधार पर तब भी एक राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में था।

उद्धव ठाकरे समेत इन नेताओं का खत्म हो रहा कार्यकाल

इस एमएलसी चुनाव में जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें कई कद्दावर नेता शामिल हैं। इनमें उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT), नीलम गोरहे (शिवसेना शिंदे गुट), संजय केणेकर (भाजप), संदीप जोशी (भाजप), दादाराव केचे (भाजप), अमोल मिटकरी (एनसीपी अजित गुट), रणजीतसिंह मोहिते-पाटिल (भाजपा), राजेश राठौड़ (कांग्रेस) और शशिकांत शिंदे (एनसीपी शरद गुट) शामिल हैं।

महाराष्ट्र विधानमंडल के उच्च सदन की इन 9 सीटों के लिए 12 मई को चुनाव होना है।

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