गोंडा में 10 अप्रैल को 11 केवीए हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से 35 वर्षीय रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है और उनके सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है। अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने देवी पाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील को पूरे प्रकरण की जांच कर न्यायोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई मृतक की पत्नी पूजा तिवारी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के बाद की जा रही है। पूजा तिवारी ने अपने पत्र में बताया था कि उनके पति रंजीत तिवारी की मौत बिजली विभाग की लापरवाही से हुई थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डीएम के निर्देश पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूजा ने बताया कि उनके पति पर 8 वर्षीय बेटी पूर्णिमा, 5 वर्षीय बेटा आर्यन और डेढ़ वर्षीय बेटा आर्यन के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। पूजा तिवारी ने स्नातक पास होने के कारण परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थायी सरकारी नौकरी की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की है। पूजा तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन को अपना एकमात्र सहारा बताया है। कहा कि हमारी मजबूरी को देखते हुए जरूर हमारी मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी करेंगे क्योंकि वह भी एक परिवार का दर्द समझते हैं। गोंडा डीएम का हमको शुरू से ही सहयोग मिल रहा है अब हमें मुख्यमंत्री से भी सहयोग की अपेक्षा है।


