राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने 1 मई से शुरू होने वाले ‘सुशासन तिहार’ की तैयारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने पर राजनांदगांव विकासखंड के एक राजस्व निरीक्षक को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘सुशासन तिहार’ से पहले अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, मनरेगा भुगतान और पेंशन जैसे सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। ‘तिहार’ के दौरान क्लस्टर स्तर पर शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। बैठक में डिजिटल गवर्नेंस पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर सहित सभी अधिकारियों ने जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना पोर्टल पर मोबाइल के माध्यम से अपना फॉर्म भरा। सभी विभागों को ई-ऑफिस प्रणाली अपनाने और कर्मचारियों को आईगोट कर्मयोगी पोर्टल पर आवश्यक कोर्स पूरे करने के निर्देश दिए गए। 852 बालिकाओं का टीकाकरण अलग-अलग विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान जिले की प्रमुख उपलब्धियां भी सामने आईं। एचपीवी टीकाकरण (कैंसर बचाव) में राजनांदगांव प्रदेश में तीसरे स्थान पर है, जहां 852 बालिकाओं का टीकाकरण किया गया। योजनाओं में प्रगति और राहत कार्य तेज प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2,311 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। उज्ज्वला योजना में 7,119 हितग्राहियों को निशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। राजस्व विभाग ने पिछले एक सप्ताह में रिकॉर्ड 498 मामलों का निराकरण किया, जबकि गर्मी को देखते हुए 3,357 हैंडपंपों का सुधार कार्य पूरा किया गया है। जनदर्शन में सुनी गई समस्याएं समय-सीमा की बैठक के बाद कलेक्टर जितेंद्र यादव ने जनदर्शन में नागरिकों की समस्याओं को सुना। इसमें प्रधानमंत्री आवास, भू-अर्जन, अवैध अतिक्रमण हटाने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त करने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का त्वरित और नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाए। राजनांदगांव DEO ने अटैचमेंट आदेश किए निरस्त राजनांदगांव जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) प्रवास कुमार सिंह बघेल ने प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अहम निर्णय लिया है। उन्होंने पिछले वर्ष जारी संलग्नीकरण (अटैचमेंट) से जुड़े आदेशों को तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, राजनांदगांव से 20 अप्रैल 2026 को आदेश क्रमांक 1243 / स्था.02 / 2026 जारी किया गया। इस आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। आदेश में वर्ष 2025 के कई आदेशों को रद्द किया गया है। इनमें क्रमांक 6189 (06.10.2025), 6696 (07.11.2025), 7245 (04.12.2025) शामिल हैं। कर्मचारियों को मूल स्थान पर लौटने के निर्देश अब इन आदेशों के तहत अन्य जगहों पर पदस्थ या संलग्न शिक्षक-कर्मचारियों को तुरंत अपनी मूल शाला या संस्था में जाकर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को भेजी गई सूचना इस आदेश की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक, राजनांदगांव कलेक्टर, शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सभी प्राचार्यों को भेजी गई है। शिक्षकों की कमी दूर करने की पहल प्रशासनिक जानकारों के अनुसार यह फैसला शिक्षा सत्र को सुचारू रूप से चलाने और स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे शिक्षक अपने मूल पदस्थ स्थान पर सेवाएं दे सकेंगे।


