जेठ की तपिश और नौतपा के तीखे तेवरों के बीच जून महीने की शुरुआत दतिया वासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। अमूमन आग उगलने वाले जून के पहले ही दिन मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। आसमान में छाए काले बादलों और सुबह-सुबह हुई झमाझम बारिश के चलते नौतपा के आखिरी दिनों में भी ठंडक बरकरार है। हालांकि, दोपहर होते-होते मौसम ने एक बार फिर करवट बदली और तेज धूप के कारण हवा में उमस का असर बढ़ गया। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ था। ठंडी और तेज हवाओं के साथ शुरू हुआ मौसम का यह मिजाज कुछ ही देर में रिमझिम फुहारों और फिर तेज बारिश में बदल गया। सुबह के समय जिले में करीब 10 मिलीमीटर (एमएम) बारिश दर्ज की गई। इस बेमौसम बारिश ने जहां धूल भरी आंधियों से राहत दी, वहीं नौतपा के पारंपरिक मिजाज को पूरी तरह से ठंडा कर दिया। सुबह के समय घरों से निकले लोगों को ठंडी हवाओं के कारण सुहावने मौसम का अहसास हुआ। बारिश और पश्चिमी हवाओं के असर से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले तक पारा 45 डिग्री के पार जा रहा था। वहीं सोमवार को दतिया का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे गिरकर 35.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं, रात और सुबह के समय रही ठंडक के कारण न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 3 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही पश्चिमी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बनाए रखने में मदद की। सुबह की राहत ज्यादा देर नहीं टिक सकी। दोपहर होते-होते आसमान साफ हुआ और सूरज के तीखे तेवर देखने को मिले। तेज धूप निकलने के कारण हवा में मौजूद नमी भाप में बदल गई, जिससे वातावरण में उमस का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ गया। दोपहर 12 बजे के बाद राहगीरों और वाहन चालकों को चिपचिपी गर्मी और पसीने ने जमकर परेशान किया। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो नौतपा के समापन और जून की शुरुआत में इस तरह का बदलाव प्री-मानसून एक्टिविटी का हिस्सा है।


