किशनगंज में ठनका गिरने से नारियल का पेड़ जला:आंधी-तूफान के दौरान हादसा, बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग

किशनगंज में ठनका गिरने से नारियल का पेड़ जला:आंधी-तूफान के दौरान हादसा, बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग

किशनगंज जिले में बीती रात मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज आंधी और बारिश के दौरान बहादुरगंज प्रखंड के लौचा पंचायत स्थित महेशबथना गांव में बिजली गिरने से एक नारियल का पेड़ जल गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना देर रात लौचा महेशबथना गांव में हुई। तेज आंधी के बीच बिजली गिरने से एक नारियल का पेड़ उसकी चपेट में आ गया। ठनका गिरते ही पेड़ में आग लग गई और वह धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। व्यक्ति या पशु को नहीं पहुंचा नुकसान स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन पेड़ काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार, रात में अचानक आसमान में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश में बदल गई। किशनगंज जिले के बहादुरगंज, ठाकुरगंज और कोचाधामन सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। प्रशासन से जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से गांवों में ऊंचे पेड़ों, जैसे नारियल और आम के पेड़ों के नीचे खड़े होने या शरण लेने से बचने की सलाह दी। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ठनका गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में कंपन महसूस हुआ। किशनगंज जिले में बीती रात मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज आंधी और बारिश के दौरान बहादुरगंज प्रखंड के लौचा पंचायत स्थित महेशबथना गांव में बिजली गिरने से एक नारियल का पेड़ जल गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यह घटना देर रात लौचा महेशबथना गांव में हुई। तेज आंधी के बीच बिजली गिरने से एक नारियल का पेड़ उसकी चपेट में आ गया। ठनका गिरते ही पेड़ में आग लग गई और वह धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं। व्यक्ति या पशु को नहीं पहुंचा नुकसान स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन पेड़ काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों के अनुसार, रात में अचानक आसमान में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश में बदल गई। किशनगंज जिले के बहादुरगंज, ठाकुरगंज और कोचाधामन सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। प्रशासन से जागरूकता कार्यक्रम चलाने की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बिजली गिरने से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से गांवों में ऊंचे पेड़ों, जैसे नारियल और आम के पेड़ों के नीचे खड़े होने या शरण लेने से बचने की सलाह दी। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ठनका गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में कंपन महसूस हुआ।  

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