मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर कड़ी हिदायत दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बकरीद से पहले राज्य में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर कहा है- नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़िए। उन्होंने सड़कों पर नमाज न पढ़ने की अपील की है। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सीएम योगी की अपील का स्वागत किया है।
CM योगी के बयान पर क्या बोले मौलाना?
नमाज पढ़ने को लेकर सीएम योगी की हिदायत पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा- मुसलमान मस्जिद में नमाज पढ़ता है। घर और दुकान-मकान में भी नमाज पढ़ता है। उन्होंने कहा- इस्लाम ने सख्त हिदायत दी है कि नमाज पढ़ने वाले बंदे और खुदा के बीच इत्मिनान और सुकून होना चाहिए। यह सुकून मस्जिद और घर में मिलता है, सड़क पर नहीं।
मौलाना बोले- इस्लाम दिक्कत नहीं देता
शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आगे कहा कि मुसलमान न सड़क पर और न ही चौराहे पर नमाज पढ़ते हैं। ईद-बकरीद पर नमाज को लेकर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा है जब भीड़ ज्यादा होती है तो नियम है कि एक मस्जिद में इमाम बदलकर शिफ्ट-दर-शिफ्ट नमाज हो। इससे कहीं भी सड़क पर दिक्कत नहीं होगी और न ही ट्रैफिक व्यवस्था बाधित होगी। उन्होंने कहा कि इस्लाम दिक्कत नहीं देता, बल्कि आसानी पैदा करता है।
CM योगी ने क्या कहा?
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा- लोग मुझसे पूछते हैं, साहब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? मैं कहता हूं कतई नहीं होती है। आप जाकर देख लो नहीं होती है। सड़कें चलने के लिए हैं। क्या कोई भी व्यक्ति आकर सड़कों पर तमाशा बना देगा? सड़क को रोकने का अधिकार किसने दिया?
सीएम ने आगे कहा कि सड़क रोककर आवागमन बाधित करने का कौन सा अधिकार है? जहां उसका स्थल होगा, वहां जाकर करें। CM ने कहा है कि नमाज पढ़नी है तो आप शिफ्ट में पढ़िए। प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। CM ने चेतावनी देते हुए कहा- हम अराजकता सड़कों पर नहीं फैलने देंगे। प्यार से मान लेंगे तो ठीक, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।


