बेतिया में मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वृहद आश्रय गृह, कुमारबाग का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने फीता काटकर और गृह प्रवेश पूजा के साथ इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बाल गृह पश्चिम चंपारण के 13 तथा बाल गृह, मोतिहारी के 14 बच्चों को नए आश्रय गृह में स्थानांतरित किया गया। 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के अंतर्गत निर्मित यह वृहद आश्रय गृह जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यहां 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित किए गए हैं, जिनमें दो यूनिट बालकों तथा दो यूनिट बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं। इस आधुनिक परिसर में बच्चों के सुरक्षित एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया शुभारंभ के उपरांत जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय कक्षों, भोजनालय, खेल परिसर, अध्ययन कक्ष तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक निदेशक को परिसर की स्वच्छता, नियमित रखरखाव, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली जिला पदाधिकारी ने आश्रय गृह में रह रहे बच्चों से बातचीत की, उनकी आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आश्रय गृह केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को परिवार जैसा वातावरण, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास के सभी अवसर उपलब्ध कराना है। परिसर की स्वच्छता, नियमित अनुरक्षण और बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बेतिया में मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वृहद आश्रय गृह, कुमारबाग का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने फीता काटकर और गृह प्रवेश पूजा के साथ इसका विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बाल गृह पश्चिम चंपारण के 13 तथा बाल गृह, मोतिहारी के 14 बच्चों को नए आश्रय गृह में स्थानांतरित किया गया। 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के अंतर्गत निर्मित यह वृहद आश्रय गृह जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यहां 50-50 बच्चों की आवासन क्षमता वाले कुल चार यूनिट स्थापित किए गए हैं, जिनमें दो यूनिट बालकों तथा दो यूनिट बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं। इस आधुनिक परिसर में बच्चों के सुरक्षित एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण आवास, पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया शुभारंभ के उपरांत जिला पदाधिकारी ने पूरे परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय कक्षों, भोजनालय, खेल परिसर, अध्ययन कक्ष तथा अन्य सुविधाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सहायक निदेशक को परिसर की स्वच्छता, नियमित रखरखाव, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की दैनिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली जिला पदाधिकारी ने आश्रय गृह में रह रहे बच्चों से बातचीत की, उनकी आवश्यकताओं एवं अनुभवों की जानकारी ली तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह आश्रय गृह केवल रहने का स्थान नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को परिवार जैसा वातावरण, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा व्यक्तित्व विकास के सभी अवसर उपलब्ध कराना है। परिसर की स्वच्छता, नियमित अनुरक्षण और बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


