खगड़िया में इलाज के समय बच्चे की मौत:झोलाछाप डॉक्टरों पर केस दर्ज, 3 आरोपी भागे

खगड़िया में इलाज के समय बच्चे की मौत:झोलाछाप डॉक्टरों पर केस दर्ज, 3 आरोपी भागे

खगड़िया जिले के गोगरी बाजार स्थित एक मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोगरी थाना पुलिस को 15 मई 2026 को बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही गोगरी थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। बच्चे के दांत में तेज दर्द था पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि पांच वर्षीय बच्चे के दांत में तेज दर्द था। दर्द बढ़ने पर बच्चे की मां सैम्फु देवी और मामी गुड़िया देवी उसे इलाज के लिए गोगरी बाजार स्थित मेडिकल सेंटर ले गई थीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल सेंटर में मौजूद अफरोज आलम, नौसाद आलम और निसार आलम ने बच्चे का सही उपचार नहीं किया। इलाज के दौरान बच्चे की हालत अचानक बिगड़ने लगी और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। मेडिकल परिसर में भीड़ जमा हो गई बच्चे की मौत के बाद मेडिकल परिसर में भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त डिग्री और विशेषज्ञता के कई लोग मेडिकल की आड़ में इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इधर, मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अफरोज आलम, नौसाद आलम एवं निसार आलम के विरुद्ध गोगरी थाना कांड संख्या 152/26 दिनांक 15.05.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 106(1) एवं 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी पुलिस अधीक्षक खगड़िया के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोगरी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है कि इलाज में किस प्रकार की लापरवाही हुई और संबंधित लोग वैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे थे या नहीं। साथ ही फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप चिकित्सकों की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना प्रमाणपत्र वाले कई लोग खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। खगड़िया जिले के गोगरी बाजार स्थित एक मेडिकल सेंटर में इलाज के दौरान 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोगरी थाना पुलिस को 15 मई 2026 को बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही गोगरी थाना के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। बच्चे के दांत में तेज दर्द था पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि पांच वर्षीय बच्चे के दांत में तेज दर्द था। दर्द बढ़ने पर बच्चे की मां सैम्फु देवी और मामी गुड़िया देवी उसे इलाज के लिए गोगरी बाजार स्थित मेडिकल सेंटर ले गई थीं। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल सेंटर में मौजूद अफरोज आलम, नौसाद आलम और निसार आलम ने बच्चे का सही उपचार नहीं किया। इलाज के दौरान बच्चे की हालत अचानक बिगड़ने लगी और कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। मेडिकल परिसर में भीड़ जमा हो गई बच्चे की मौत के बाद मेडिकल परिसर में भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त डिग्री और विशेषज्ञता के कई लोग मेडिकल की आड़ में इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इधर, मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अफरोज आलम, नौसाद आलम एवं निसार आलम के विरुद्ध गोगरी थाना कांड संख्या 152/26 दिनांक 15.05.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 106(1) एवं 3(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल खगड़िया भेज दिया गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी पुलिस अधीक्षक खगड़िया के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोगरी के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है कि इलाज में किस प्रकार की लापरवाही हुई और संबंधित लोग वैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे थे या नहीं। साथ ही फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। घटना के बाद इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था और झोलाछाप चिकित्सकों की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना प्रमाणपत्र वाले कई लोग खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

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