मेरठ। माय भारत मेरठ के 5 दिवसीय अनुभव आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवा स्वयंसेवकों ने एफसीआई परतापुर, मेरठ के गोदाम का दौरा किया। इस दौरान विपणन निरीक्षक एवं प्रेषण प्रभारी मुकेश कुमार ने उन्हें अनाज के भंडारण, गुणवत्ता जांच और फ्यूमिगेशन की विस्तृत प्रक्रिया से अवगत कराया। युवाओं को बताया गया कि गोदाम में आने वाले अनाज के हर नमूने की सबसे पहले नमी (Moisture Content) की जांच की जाती है। इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है: पहले वॉल्यूम कप ‘A’ में नमूना भरा जाता है, फिर उस पर 275 पाउंड का दबाव डाला जाता है। मशीन स्वयं नमी का प्रतिशत बता देती है। त्रुटि कम करने के लिए कैलिपर और डिजिटल मॉइस्चर मीटर का भी उपयोग होता है। गेहूं और चावल के लिए वॉल्यूम ‘A’ जबकि दालों के लिए वॉल्यूम ‘B’ का उपयोग होता है। चावल में नमी की अधिकतम सीमा 15%


