जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला उर्वरक निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को यूरिया खाद की किल्लत से बचाना और सुचारु वितरण सुनिश्चित करना था। बैठक में चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, विधान पार्षद भीष्म सहनी, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और उर्वरक के थोक विक्रेता उपस्थित रहे। किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बैठक के दौरान, जिला कृषि पदाधिकारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, मांग और आपूर्ति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस समीक्षा के बाद, जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए कि समिति के सभी सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित मात्रा और सरकारी दर पर उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। 5 बैग से अधिक उर्वरक नहीं बेचने का निर्देश चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने उर्वरक बिक्री से संबंधित विभिन्न शिकायतों पर चर्चा की। विशेष रूप से, उस पत्र का मुद्दा उठाया गया जिसमें एक दुकानदार को पांच बैग से अधिक उर्वरक नहीं बेचने का निर्देश दिया गया था। इस पर स्पष्टीकरण दिया गया कि उक्त पत्र की वैधता केवल 27 तारीख तक थी और वर्तमान में वह प्रभावी नहीं है। यदि कोई दुकानदार इस आधार पर किसानों को उर्वरक देने से मना करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 1 एकड़ भूमि पर 1 बैग यूरिया देने का प्रावधान बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकार के नियम के अनुसार, एक एकड़ भूमि पर एक बैग यूरिया देने का प्रावधान है। हालांकि, बड़े जोत वाले या बटाई/हूंडा पर खेती करने वाले किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिक उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्र के कृषि सलाहकार से सत्यापन कराकर संबंधित डीलर से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक मात्रा में यूरिया प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। समिति ने पारदर्शी वितरण और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला उर्वरक निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को यूरिया खाद की किल्लत से बचाना और सुचारु वितरण सुनिश्चित करना था। बैठक में चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, विधान पार्षद भीष्म सहनी, उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और उर्वरक के थोक विक्रेता उपस्थित रहे। किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बैठक के दौरान, जिला कृषि पदाधिकारी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, मांग और आपूर्ति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस समीक्षा के बाद, जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिए कि समिति के सभी सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित मात्रा और सरकारी दर पर उर्वरक आसानी से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। 5 बैग से अधिक उर्वरक नहीं बेचने का निर्देश चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने उर्वरक बिक्री से संबंधित विभिन्न शिकायतों पर चर्चा की। विशेष रूप से, उस पत्र का मुद्दा उठाया गया जिसमें एक दुकानदार को पांच बैग से अधिक उर्वरक नहीं बेचने का निर्देश दिया गया था। इस पर स्पष्टीकरण दिया गया कि उक्त पत्र की वैधता केवल 27 तारीख तक थी और वर्तमान में वह प्रभावी नहीं है। यदि कोई दुकानदार इस आधार पर किसानों को उर्वरक देने से मना करता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 1 एकड़ भूमि पर 1 बैग यूरिया देने का प्रावधान बैठक में यह भी तय किया गया कि सरकार के नियम के अनुसार, एक एकड़ भूमि पर एक बैग यूरिया देने का प्रावधान है। हालांकि, बड़े जोत वाले या बटाई/हूंडा पर खेती करने वाले किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार अधिक उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने क्षेत्र के कृषि सलाहकार से सत्यापन कराकर संबंधित डीलर से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक मात्रा में यूरिया प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। समिति ने पारदर्शी वितरण और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।


