जयपुर. Census 2027 Rajasthan के तहत पहले चरण यानी मकान सूचीकरण (House Listing) और मकान गणना को लेकर जयपुर में अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण की अध्यक्षता जनगणना निदेशक विष्णुचरण मलिक ने की, जबकि प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलेक्टर संदेश नायक भी मौजूद रहे।
| क्या है खास? |
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| 1 से 15 मई 2026 तक होगा हाउस लिस्टिंग कार्य |
| 16 मई से 14 जून तक चलेगी मकान गणना प्रक्रिया |
| जनगणना-2027 पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी |
| CMMS पोर्टल से रियल-टाइम मॉनिटरिंग |
| लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश |
मलिक ने स्पष्ट किया कि जनगणना-2027 एक राष्ट्रीय महत्व का अभियान है और इसकी गुणवत्ता फील्ड में काम करने वाले प्रगणकों पर निर्भर करती है। इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है, जिससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और तेजी से विश्लेषण संभव होगा।
कितने अधिकारी और कर्मचारी होंगे शामिल?
| विवरण |
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| 38 चार्ज अधिकारी (20 तहसीलदार सहित) |
| 4,817 प्रगणक |
| 780 सुपरवाइजर |
| 5,277 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों में कार्य |
| अनुमानित जनसंख्या: 35.54 लाख |
प्रमुख जनगणना अधिकारी संदेश नायक ने निर्देश दिए कि सभी प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाए और अधिकारी खुद भी फील्ड में जाकर कार्यों की निगरानी करें।
फील्ड लेवल पर क्या निर्देश दिए गए?
| निर्देश |
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| सभी अधिकारी कार्य को गंभीरता और निष्ठा से पूरा करें |
| भीषण गर्मी को देखते हुए प्रगणकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें |
| आमजन को स्व-गणना (Self Enumeration) के लिए प्रेरित करें |
| CMMS पोर्टल के जरिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग करें |
| प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाए |
| अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर कार्यों की निगरानी करें |
सख्त चेतावनी
जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


