‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को संसदीय प्रक्रिया के अनुसार पद से हटाने, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और सभी पात्र नागरिकों के मतदान का अधिकार बहाल करने की मांग करते हुए 23 अक्टूबर को देशव्यापी मार्च निकालने का रविवार को आह्वान किया। इस मंच ने एक बयान में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने निर्वाचन आयोग का दुरुपयोग किया है और एसआईआर के जरिए 13.41 करोड़ नागरिकों के मतदान के अधिकार छीन लिए गए हैं। ‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ ने आरोप लगाया कि कुमार ने संसदीय मंजूरी के बिना फॉर्म-6 सहित वैधानिक प्रपत्रों में बदलाव किए, ताकि वास्तविक नागरिकों के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा सकें और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता में बनाए रखा जा सके।
‘पीपुल अगेंस्ट एसआईआर’ का गठन 14 अक्टूबर को नयी दिल्ली के सुरजीत भवन में किया गया था। यह किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, आदिवासियों, दलितों और अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों तथा नेटवर्क को एक साथ लाने वाला अखिल भारतीय मंच है। मंच ने 23 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च को लेकर कहा कि यह एक संयुक्त संघर्ष की शुरुआत होगी, जो एसआईआर रद्द होने, सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार बहाल होने और निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 में संशोधन किए जाने तक जारी रहेगा।
मंच ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज लेकर जिला और तहसील मुख्यालयों, राज्य की राजधानियों तथा राष्ट्रीय राजधानी में शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेने की अपील की।

