जम्मू कश्मीर के कारोबारी ने पूर्व शिक्षक से की ठगी:15 करोड़ की घपलेबाजी का मामला,3 दिन का पुलिस को मिला रिमांड

जम्मू कश्मीर के कारोबारी ने पूर्व शिक्षक से की ठगी:15 करोड़ की घपलेबाजी का मामला,3 दिन का पुलिस को मिला रिमांड

लुधियाना में एक चौंकाने वाले मामले में, विश्वासघात की कहानी सामने आई है, जहां एक ऑनलाइन कारोबारी ने अपने ही पूर्व शिक्षक को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। सदर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी की पहचान मोरिस एडम शाहमिरी निवासी जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है, जो एक ऑनलाइन वेंचर का मालिक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने पूर्व शिक्षक और उनके परिवार को हाई रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर बड़ी रकम हड़प ली। अगस्त 2024 में शुरू हुआ खेल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अगस्त 2024 में शिकायतकर्ता सीता रानी और उनके पति से संपर्क किया। खुद को सफल कारोबारी बताते हुए उसने अपनी कंपनी में निवेश करने पर मोटा मुनाफा देने का भरोसा दिया। भरोसा जीतने के लिए उसने योजनाबद्ध तरीके से पूरा जाल बिछाया। भरोसा जीतने के लिए बनाए फर्जी दस्तावेज
जांच में सामने आया कि आरोपी ने निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कई हथकंडे अपनाए। उसने पोस्ट डेटेड चेक दिए, शेयर अलॉटमेंट लेटर जारी किए, जून 2025 में एक एफिडेविट भी बनाया, एफिडेविट में आरोपी ने 13.10 करोड़ रुपये की देनदारी स्वीकार की और डिफॉल्ट की स्थिति में दोगुना भुगतान करने का वादा किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, न तो कोई रिटर्न मिला और न ही पैसा वापस किया गया। आरोपी द्वारा दिए गए सभी चेक बाउंस हो गए और बाद में दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। कैंसर से जूझ रहे थे पति, फिर भी नहीं लौटाए पैसे
महिला ने बताया कि इस दौरान उनके पति कैंसर से जूझ रहे थे और बार-बार पैसे लौटाने की मांग करते रहे, लेकिन आरोपी टालमटोल करता रहा। जुलाई 2025 में उनके पति की मौत हो गई, जिसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। जांच में करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी सामने आई है। धमकाने के भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने राजनीतिक और पुलिस कनेक्शन का हवाला देकर उन्हें डराने की कोशिश की, ताकि वे कोई कानूनी कार्रवाई न करें। पुलिस का कहना है कि मामले में पुख्ता सबूत मिले हैं, जिनमें बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, बाउंस हुए चेक, शेयर डॉक्यूमेंट्स, एफिडेविट कॉपी, चैट रिकॉर्ड, कूरियर रसीदें है जो कि सुनियोजित ठगी की ओर इशारा करते हैं। SHO बोले-और भी खुलासे की उम्मीद
सदर थाना के SHO इंस्पेक्टर जगदेव सिंह ने मीडिया से कहा कि आरोपी लगातार समन के बावजूद जांच से बच रहा था, लेकिन आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस रिमांड के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल है और क्या अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बनाया गया है। पुलिस अब इस मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद कर रही है।

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