बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा अररिया जिले के 17 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह परीक्षा 14 अप्रैल 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक विभिन्न चरणों में स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। परीक्षा के छठे और अंतिम दिन, प्रथम पाली में कुल 2725 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 3731 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने का कारण अन्य परीक्षाएं या व्यक्तिगत कारण बताए गए हैं। संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई
जिलाधिकारी के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत पूरी परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया। केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता टीम, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल सहित सभी संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और उड़नदस्ता टीमों की निरंतर गश्त के कारण किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं बनी। अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश, साफ-सुथरे हॉल और शांत वातावरण उपलब्ध कराया गया। पूरे बिहार के लिए एक मिसाल भी बनी
इस परीक्षा को राज्य के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चयनित उम्मीदवार जिले के शिक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से परीक्षा न केवल सफल रही बल्कि पूरे बिहार के लिए एक मिसाल भी बनी। अररिया जिला प्रशासन ने एक बार फिर साबित किया कि सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था से किसी भी बड़े आयोजन को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें बिहार लोक सेवा आयोग के आधिकारिक परिणाम पर टिकी हुई हैं। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा अररिया जिले के 17 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। यह परीक्षा 14 अप्रैल 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक विभिन्न चरणों में स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई। परीक्षा के छठे और अंतिम दिन, प्रथम पाली में कुल 2725 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 3731 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने का कारण अन्य परीक्षाएं या व्यक्तिगत कारण बताए गए हैं। संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई
जिलाधिकारी के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत पूरी परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया। केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता टीम, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल सहित सभी संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और उड़नदस्ता टीमों की निरंतर गश्त के कारण किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं बनी। अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश, साफ-सुथरे हॉल और शांत वातावरण उपलब्ध कराया गया। पूरे बिहार के लिए एक मिसाल भी बनी
इस परीक्षा को राज्य के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चयनित उम्मीदवार जिले के शिक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण से परीक्षा न केवल सफल रही बल्कि पूरे बिहार के लिए एक मिसाल भी बनी। अररिया जिला प्रशासन ने एक बार फिर साबित किया कि सख्त निगरानी और पारदर्शी व्यवस्था से किसी भी बड़े आयोजन को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सकता है। अब सभी की निगाहें बिहार लोक सेवा आयोग के आधिकारिक परिणाम पर टिकी हुई हैं।


