लोन लेकर घर खरीदा, सब कुछ जलकर राख हो गया:एक चम्मच तक नहीं बचा; गाजियाबाद में अपने घर जलते देख फूट-फूटकर रोए लोग

लोन लेकर घर खरीदा, सब कुछ जलकर राख हो गया:एक चम्मच तक नहीं बचा; गाजियाबाद में अपने घर जलते देख फूट-फूटकर रोए लोग

‘हमारा तो सबकुछ चला गया। पता नहीं कैसा मनहूस दिन आज देखा। जिंदगी भर की कमाई और लोन से ये फ्लैट लिया था, एक चम्मच तक नहीं बचा। पता नहीं क्या हुआ अचानक। जब भी बाहर जाते थे तो हमेशा लाइट बंद करके जाते, यहां तक फ्रिज भी कभी ऑन नहीं छोड़ा।’ फ्लैट जलने के बाद रोते हुए यह शब्द कायरा ने कहे। वह पति के सामने वीडियो कॉल पर रोने लगीं तो आसपास की महिलाएं समझाती रहीं कि गनीमत है कि जान बच गई यही बहुत कुछ है। गाजियाबाद में 29 अप्रैल (बुधवार) की सुबह 15 मंजिला अपार्टमेंट गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के 9 वें फ्लोर में भीषण आग लग गई। देखते-देखते आग ने 7 मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। कोई जान बचाकर भागता रहा तो कोई अपने सामान को निकालने में लगा रहा। बीमार बुजुर्ग भी फंस गए। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि कई मंजिलें धू-धूकर जलती रहीं। आग में फंसे बीमार वृद्ध समेत 10 लोगों को दमकल के अधिकारियों और जवानों ने किसी तरह बाहर निकाला। 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 10 फ्लैट पूरी तरह से जल गए हैं। पति को वीडियो कॉल कर फूट-फूटकर रोती रहीं कायरा 10वीं मंजिल पर फ्लैट नंबर 1045 में रहने वाले अनुराग शर्मा सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनका फ्लैट भी पूरी तरह से जल चुका है। अनुराग शर्मा की पत्नी कायरा शर्मा बिलखती रहीं। कभी फायरकर्मियों से पूछतीं कि भैया अब क्या होगा, क्या प्रशासन हमारी मदद करेगा। हमारी तो जिंदगी भर की कमाई चली गई। एक चम्मच भी नहीं बचा। इसके बाद एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजकरन नैय्यर से भी वह गुहार लगातीं रहीं कि सर हमारा सब कुछ जल गया। अधिकारियों ने भी कायरा को समझाया। कायरा शर्मा का कहना है कि सुबह सब कुछ ठीक था, अचानक शोरगुल की आवाज आई। मैं फ्लैट के बाहर निकली तो देखा कि हमारे से नीचे वाला फ्लैट जल रहा था। मुझे लोगों ने कहा कि आप बाहर निकल जाइए, आग बहुत भयानक लग गई है। मैं आनन-फानन में बाहर की तरफ आई, लेकिन लिफ्ट भी बंद कर दी गई। नीचे से ऊपर तक चारों तरफ आग ही आग दिखाई दे रही थी। मैं भगवान से हाथ जोड़ कर प्रार्थना कर रही थी कि कुछ तो बच जाए, लेकिन जब आग बुझी तो फ्लैट के अंदर सबकुछ जल चुका था। मासूम को गोद में लेकर सिसकती रही महिला 1043 नंबर फ्लैट रिटायर्ड अधिकारी अशोक वर्मा का है। उनके बेटे अंशुमन वर्मा इंजीनियर हैं, वह बाहर गए हुए थे। अंशुमन की पत्नी पुष्पा वर्मा मासूम बच्चे को गोद में लेकर सिसकतीं रहीं। बराबर में उनके परिवार के अन्य सदस्य थे। सभी ने हाथ जोड़कर कहा कि भैय्या बस फोटो-वीडियो मत खींचना। हमारा तो सब कुछ जल गया, हम आपको क्या बताएं कि क्या-क्या जला है। पुष्पा मासूम को गोद में लेकर अपना चेहरा छिपाकर रोती रहीं। अपनी मां से कॉल पर बात करते हुए कहा कि मम्मी सब कुछ जल गया है। इसके बाद फोन पर अपने पति को रोते हुए बताती रहीं कि कुछ नहीं बचा। बस किसी तरह बेटी और हम परिवार के लोग बचे हैं। परिवार के सदस्यों को सोसाइटी में कम्प्युनिटी हॉल में रखा गया है। देखते ही देखते आग कई फ्लैट में फैल गई सोसाइटी में रहने वाली मोनिका सेतिया ने बताया कि अचानक फ्लैट में आग लगी, जिसके बाद लोगों ने शोर मचाया। मैं दौड़कर अपने फ्लैट से बाहर आई, तो सीढ़ियों पर महिलाएं और कुछ लोग तेजी से नीचे उतर रहे थे। तभी सोसाइटी में रहने वाला एक गार्ड ऊपर आया। उसने बताया कि आग बुझाने वालों को कॉल कर दिया है। कुछ देर में दमकल की 2 गाड़ियां आईं, तब तक आग कई फ्लैट्स में फैल गई। मोनिका ने बताया कि जिस ब्लॉक में आग लगी थी, उसमें 100 फ्लैट हैं। सोसाइटी में करीब 450 परिवार रहते हैं। 85 साल की वृद्धा को बाहर निकाला सोसाइटी में रहने वाले ललित भारद्वाज ने बताया कि सबसे पहले नौंवे फ्लोर पर आग लगी। आग बढ़ती देख हमनें सभी को बाहर निकाला। जिस मकान में आग लगी, उसमें पिछले 7 साल से काम चल रहा है। हमारी भाभी नीता ने 85 साल की रामवती देवी को किसी तरह बाहर निकाला। कई फ्लैट के लॉक काटे गए हैं। फायर के अधिकारी और पुलिस अधिकारी जब पहुंचे तो 2 या तीन फ्लैट बंद थे। एक बीमार बुजुर्ग को किसी तरह बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। 7 फ्लैट्स के लॉक काटे गए कमल पाॅलीवाल, रिटायर्ड सीएमएस डॉ. डार सिंह, डॉ. मित्तल, नीता सिंह, नुकल, अनूप शर्मा, सुधांशु चौधरी के फ्लैट पूरी तरह से जल गए। 7 फ्लैट्स जिनके दरवाजे बंद थे, उनको रेस्क्यू कटर की मदद से काटते हुए आग को बुझाया गया। चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) राहुल पाल ने बताया कि 2 टीमों को फ्लैट्स में फंसे लोगों को सीढ़ियों के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकालने में लगाया। एक महिला व बुजुर्ग मोहम्मद आयूब ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। इन्हें भी फायर कर्मी सीढ़ियों के माध्यम से नीचे लाए। इसके बाद पूरी बिल्डिंग खाली कराई। गाजियाबाद व नोएडा से 18 फायर टैंकर व 2 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर 74 फायर कर्मियों द्वारा आग पर काबू पाया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर का कहना है 9वीं मंजिल से आग लगी, जो ऊपर फैलती चली गई। सभी को समय रहते फायर और पुलिस टीम ने सुरक्षित निकाला। आग पर काबू पाते हुए आसपास के 2 दर्जन फ्लैट्स बचा लिए गए। आग के कारणों की जांच की जा रही है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद में 15 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग:7 फ्लोर को चपेट में लिया, लोग भागे; घर जलता देख महिलाएं फूट-फूटकर रोईं गाजियाबाद में बुधवार सुबह 8.30 बजे 15 मंजिला अपार्टमेंट में भीषण आग लग गई। आग गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के टावर-डी में 9वें फ्लोर पर लगी। देखते ही देखते आग ने 7 मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार करीब 5 किमी दूर से दिखाई दे रहा था। गनीमत रही कि फ्लैट में रहने वाले लोग किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकल आए। सीढ़ियों से नीचे की ओर भागे। अपना घर जलते देखकर महिलाएं फूट-फूटकर रो पड़ीं। सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। धुएं की वजह से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। उन्हें तुरंत ही अस्पताल पहुंचाया गया। पढ़ें पूरी खबर

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