चित्रकूट के मऊ विकासखंड में ब्लॉक प्रमुख और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के बीच विवाद सामने आया है। ब्लॉक प्रमुख सुशीला देवी ने बीडीओ ओम प्रकाश यादव पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। वहीं बीडीओ ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत लेकर जांच शुरू कर दी है। जातिसूचक शब्द कह करके अभद्र व्यवहार ब्लॉक प्रमुख सुशीला देवी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ओम प्रकाश यादव के खिलाफ मऊ थाने में तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 4 जून की शाम वह एक आवश्यक कार्य के सिलसिले में बीडीओ कार्यालय पहुंची थीं, जहां बातचीत के दौरान उन्हें कथित रूप से जातिसूचक शब्द कहे गए और अभद्र व्यवहार किया गया। तहरीर के अनुसार, विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। ब्लॉक प्रमुख का आरोप है कि बीडीओ ने अपने प्रभाव का हवाला देते हुए उन्हें सामाजिक और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। झूठे मामले में फंसाने का प्रयास दूसरी ओर, बीडीओ ओम प्रकाश यादव ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। बीडीओ के मुताबिक, उन्होंने पहले ब्लॉक कार्यालय की सरकारी सामग्री हटाए जाने संबंधी शिकायत की थी, जिसके बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय ब्लॉक परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था और वहां मौजूद मजदूरों व कर्मचारियों से वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जा सकती है। बीडीओ का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उन पर अनुचित भुगतान का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। मऊ कोतवाली प्रभारी श्री प्रकाश यादव ने बताया- दोनों पक्षों की तहरीर प्राप्त हो चुकी है। पुलिस सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


