आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्रियों पर की गई अमर्यादित टिप्पणी का मामला अब गरमाता जा रहा है। उदयपुर में शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बेनीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के बाहर हनुमान बेनीवाल का पुतला जलाकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली के नेतृत्व में यह पूरा प्रदर्शन हुआ। यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जमा हुए। कार्यकर्ताओं ने बेनीवाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का कहना था कि बेनीवाल सांसद जैसे जिम्मेदार पद पर हैं, इसके बावजूद वे लगातार असंसदीय और ओछी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने कहा कि राजनीति में मतभेद होना आम बात है, लेकिन बड़बोले हनुमान बेनीवाल ने जिस तरह की निम्न स्तरीय भाषा का प्रयोग किया है, वह ठीक नहीं है। तेली ने कहा कि बेनीवाल कुंठा और विकृत मानसिकता से ग्रसित हो गए हैं। उन्हें अपने इस कृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो उदयपुर आने पर उनका भारी विरोध किया जाएगा। वहीं भाजपा जिला महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया ने बेनीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेनीवाल इस समय दिमागी दिवालियेपन का शिकार हैं। उनकी पार्टी का जनाधार और राजनीतिक ग्राफ लगातार गिर रहा है, इसी हताशा में आकर वे इस तरह के बयान दे रहे हैं। इस दौरान मौके पर ओबीसी मोर्चा प्रदेश मंत्री प्रेमचंद लोहार, जिला उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, जिला महामंत्री ललित सिंह सिसोदिया, भाजयुमो जिला महामंत्री यशवंत पुरोहित, मुकुल मेहता, हरिसिंह वांगरोदा, कुंतल जोशी, अशोक लोहार और नीरज सामर समेत कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जानिए, क्या थी बेनीवाल की विवादित टिप्पणी
दरअसल, आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने एक सभा के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार के मंत्रियों पर निशाना साधा था। बेनीवाल ने मुख्यमंत्री को ‘पर्ची वाले सीएम’ और ‘नौसिखिया’ कहा था। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कह दिया था कि राजस्थान सरकार के मंत्रियों को तो खुद मुख्यमंत्री ही नहीं पहचानते और सरकार दिल्ली के इशारे पर चल रही है।


