Sawai Madhopur : सवाईमाधोपुर नगर परिषद की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना में भारी वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। जिस काम का वास्तविक खर्च महज 6 लाख रुपए प्रतिमाह था, उसी कार्य के लिए परिषद ने संवेदक फर्म को 41 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। इस तय अवधि में न तो ऑटो ट्रिपर चले, न ही कचरा संग्रहण हुआ, फिर भी लाखों रुपए का बिल पास कर दिया। निविदा शर्तों की खुलेआम अनदेखी और बिना सत्यापन प्रक्रिया अपनाए किए इस भुगतान ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उधर, इस संबंध में नगरपरिषद प्रशासक ने आयुक्त को लिखित में नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक कोई जवाब पेश नहीं किया।
भुगतान घोटाले का बड़ा पर्दाफाश
सवाईमाधोपुर नगर परिषद ने सृजन सेवा संस्थान को दिसंबर 2025 में कायर्यादेश जारी किया। इसके बाद जनवरी और फरवरी में क्रमशः 36 लाख रुपए और 41 लाख रुपए के बिल प्रस्तुत किए। दोनों बिलों का कुल भुगतान 70 लाख रुपए से अधिक कर दिया। जबकि रिपोर्टों के अनुसार इस अवधि में फर्म ने वास्तविक कचरा संग्रहण कार्य नहीं किया। यह भुगतान सीधे तौर पर नियम विरुद्ध और गंभीर वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है।
20 ट्रिपरों के संचालन में खर्च करीब प्रतिमाह 6 लाख रुपए
एक ऑटो ट्रिपर का मासिक खर्च लगभग 30 हजार रुपए होता है। 20 ट्रिपरों का संचालन करने पर खर्च लगभग 6 लाख रुपए प्रतिमाह होना चाहिए। इसके बावजूद नगर परिषद ने फर्म को एक माह के संचालन के लिए 41 लाख 30 हजार 40 रुपए का भुगतान कर दिया। यह अंतर सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और मनमानेपन की ओर इशारा करता है। किया।
ऑटो ट्रिपर नहीं चले, फिर भी करोड़ों का हिसाब
15 दिसंबर से 15 जनवरी तक फर्म ने कोई ऑटो ट्रिपर नहीं चलाया। जनवरी में खरीदे गए 15 ट्रिपर भी 15 जनवरी तक कार्य के लिए उपलब्ध नहीं कराए गए। नगर परिषद की गैराज शाखा रिपोर्ट बताती है कि परिषद के पास उपलब्ध 23 ट्रिपरों में से केवल 6 ही सही स्थिति में थे। यानी तय अवधि में न तो फर्म ने अपने ट्रिपर चलाए और न ही परिषद के ट्रिपरों का उपयोग किया।
नोटिस में उठाए गए सवाल
प्रशासक ने आयुक्त नगर परिषद से पूछा है कि जब कोई ट्रिपर नहीं चला तो पहले बिल का भुगतान किस आधार पर किया गया। बिलों का सत्यापन किस अधिकारी ने किया और निविदा शर्तों का पालन न करने पर भी भुगतान क्यों किया। साथ ही 15 जनवरी से 15 फरवरी तक कितने ट्रिपर फर्म ने स्वयं खरीदे और कितने नगर परिषद से लिए, इसका पूरा विवरण मांगा है।
शर्तों की खुली अनदेखी
फर्म ने तय समय में रूट चार्ट और टाइम शेड्यूल प्रस्तुत नहीं किया। सम्पूर्ण क्षेत्र का सर्वे भी नहीं किया। वेब पोर्टल आधारित शिकायत निस्तारण और नेविगेशन सिस्टम स्थापित नहीं हुआ। आरएफआइडी, ओआइटी कार्ड आधारित सिस्टम भी लागू नहीं किया। निविदा दस्तावेज में उल्लेखित किसी भी शर्त का पालन नहीं किया ।
इस मामले की जांच कराई जाएगी
डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना में की गई अनियमिता व फर्जी बिल पास करने के मामले में नगरपरिषद आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संजय शर्मा, प्रशासक नगर परिषद एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर, सवाईमाधोपुर
टेण्डर की शर्तों के अनुरूप ही भुगतान हुआ
टेण्डर की शर्तों के अनुरूप ही भुगतान हुआ है। भुगतान के संबंध में प्रशासक से नोटिस आया है। इसका जल्द जवाब भेजा जाएगा।
चन्द्रकला वर्मा, आयुक्त, नगरपरिषद सवाईमाधोपुर


