जयपुर की छोटी-छोटी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) फर्मों को मिलाकर बड़े समूह बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य ऐसी मजबूत सीए फर्म तैयार करना है, जो राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सेवाएं दे सकें। इसके तहत जयपुर में पांच बड़ी सीए फर्म विकसित करने की योजना है। यह जानकारी शनिवार को आईसीएआई जयपुर शाखा की ओर से आयोजित न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 विषयक सेमिनार में दी गई।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने नए इनकम टैक्स कानून के प्रावधानों और बदलावों पर चर्चा करते हुए कहा कि फर्मों के एकीकरण से लोगों को एक ही स्थान पर इनकम टैक्स, जीएसटी, ऑडिट और अन्य फाइनेंसियल सर्विस की सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही सीए पेशेवरों को बड़े स्तर पर काम करने का अवसर भी मिलेगा। सीए को रहना होगा अपडेट
आईसीएआई के केंद्रीय परिषद सदस्य और सीए फर्म एग्रीगेशन कार्यक्रम के चेयरमैन सीए सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि टैक्स कानूनों और नियामकीय व्यवस्था में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में सीए पेशेवरों के लिए नई जानकारियों से अपडेट रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट देश की टैक्स व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाएगा।
जयपुर में पांच बड़ी सीए फर्म बनाने की तैयारी
सीए सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देश में ऐसी बड़ी सीए फर्म तैयार करने का आह्वान किया है जो विश्व स्तर पर चार्टर्ड अकाउंटेंसी सेवाएं दे सकें। इसी दिशा में जयपुर में पांच बड़ी सीए फर्म विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए शहर की कई छोटी-छोटी सीए फर्मों को मिलाकर बड़े समूह बनाए जाएंगे। इससे विशेषज्ञता और संसाधन एक जगह उपलब्ध होंगे तथा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
एक ही स्थान पर मिलेंगी सभी फाइनेंसियल सर्विस
गुप्ता ने कहा कि फर्मों के एकीकरण के बाद लोगों को एक ही छत के नीचे इनकम टैक्स, जीएसटी, ऑडिट, अकाउंटिंग और अन्य फाइनेंसियल सर्विस से जुड़े विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। इससे ग्राहकों को अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और छोटी फर्मों को भी बड़े स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। न्यू इनकम टैक्स एक्ट बदलाव को समझना जरूरी
राजस्थान सरकार में फाइनेंस कमीशन के स्टेट नोडल ऑफिसर सीए (डॉ.) कमल दीप शर्मा ने कहा कि न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 टैक्स सिस्टम को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स करदाताओं और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करते हैं, इसलिए ऐसे बदलावों की पूरी समझ होना जरूरी है।
तकनीकी कार्यक्रमों का मिलता है लाभ
जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सदस्यों को नए कानूनों और बदलती व्यवस्थाओं की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और आयोजकों का आभार जताया।
विशेषज्ञ ने समझाए नए कानून के प्रावधान
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए पी.सी. परवाल ने न्यू इनकम टैक्स एक्ट-2025 के प्रमुख प्रावधानों, अनुपालन से जुड़े नियमों और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित सदस्यों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए और नए कानून से जुड़ी शंकाओं का समाधान किया।


