Elon Musk Loses Lawsuit Against OpenAI: टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क को ओपनएआई विवाद में बड़ा कानूनी झटका लगा है। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित ओकलैंड फेडरल कोर्ट की ज्यूरी ने सर्वसम्मति से ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ दायर मस्क का मुकदमा खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि मस्क ने तय समयसीमा समाप्त होने के बाद यह केस दायर किया था।
यह मामला दुनिया की सबसे चर्चित एआई कंपनियों में से एक ओपनएआई के मूल उद्देश्य और उसके कारोबारी मॉडल को लेकर उठे विवाद से जुड़ा था।
मस्क ने लगाए थे धोखा देने के आरोप
एलन मस्क ने अदालत में दावा किया था कि उन्होंने ओपनएआई को करीब 3.8 करोड़ डॉलर का दान दिया था। उनका आरोप था कि कंपनी ने बाद में मानवता के हित में सुरक्षित और गैर-लाभकारी एआई विकसित करने के अपने मूल मिशन से हटकर खुद को मुनाफा कमाने वाली कंपनी में बदल लिया।
मस्क का कहना था कि सैम ऑल्टमैन और ओपनएआई प्रबंधन ने उनके भरोसे का गलत इस्तेमाल किया और कंपनी के मूल उद्देश्य से समझौता किया। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट पर भी इस कथित योजना में सहयोग करने का आरोप लगाया था।
11 दिन चली सुनवाई, सत्या नडेला ने भी दी गवाही
मामले की सुनवाई करीब 11 दिनों तक चली, जबकि अदालत में तीन सप्ताह तक गवाहियों का दौर जारी रहा। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर एआई मिशन से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भी गवाही दी। हालांकि ज्यूरी के फैसले के बाद माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े आरोप भी स्वतः खारिज हो गए।
ऑल्टमैन का पलटवार, बोले- कंपनी पर नियंत्रण चाहते थे मस्क
सुनवाई के दौरान सैम ऑल्टमैन ने मस्क के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि एलन मस्क खुद ओपनएआई को मुनाफा आधारित कंपनी बनाने के पक्ष में थे और लंबे समय तक कंपनी पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते थे। ऑल्टमैन के अनुसार, जब सह-संस्थापकों ने भविष्य में कंपनी के नियंत्रण को लेकर सवाल किया था, तब मस्क ने कहा था कि आगे चलकर यह नियंत्रण उनके बच्चों को भी मिल सकता है।
एलन मस्क 2015 में ओपनएआई के सह-संस्थापक थे, लेकिन 2018 में कंपनी के नियंत्रण और दिशा को लेकर मतभेद के बाद उन्होंने संगठन छोड़ दिया था।
ओपनएआई ने फैसले को बताया बड़ी जीत
अदालत का फैसला आने के बाद ओपनएआई ने इसे कंपनी और अमेरिकी न्याय व्यवस्था की बड़ी जीत बताया। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि ज्यूरी ने तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाया और मस्क के दावों को स्वीकार नहीं किया।
ओपनएआई के वकील विलियम सेविट ने कहा कि एलन मस्क का मुकदमा वास्तविकता से मेल नहीं खाता था। कंपनी ने दोहराया कि वह आगे भी मानवता के हित में सुरक्षित एआई तकनीक विकसित करने के अपने मिशन पर काम करती रहेगी।
एआई इंडस्ट्री में क्यों अहम है यह मामला?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मामला केवल दो बड़े टेक दिग्गजों के बीच कानूनी लड़ाई नहीं था, बल्कि एआई इंडस्ट्री के भविष्य, कॉर्पोरेट नियंत्रण और टेक्नोलॉजी के व्यावसायिक उपयोग से जुड़ी बड़ी बहस का हिस्सा बन चुका था।
ओपनएआई के तेजी से बढ़ते प्रभाव और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों की भागीदारी के कारण इस केस पर पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर बनी हुई थी।


