Iran-US War Update: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने युद्ध रोकने और बातचीत आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा लेकिन ठुकरा दिया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और इससे किसी बड़े समझौते की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।
‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से वॉशिंगटन बातचीत के साथ-साथ सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी भी बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं, लेकिन ईरान कुछ अहम शर्तें मानने को तैयार नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह नया प्रस्ताव रविवार रात पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया।
US अधिकारी: कोई मतलब का सुधार नहीं है
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में पिछले ड्राफ्ट की तुलना में कुछ ही बदलाव किए हैं। कोई मतलब का सुधार नहीं है। इसमें ईरान ने यह बात मजबूत करने की कोशिश की है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। लेकिन इसमें यह साफ नहीं बताया गया है कि ईरान यूरेनियम के संवर्धन (एनरिचमेंट) को रोकेगा या अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम को दूसरे देश में भेजेगा। अमेरिका का कहना है कि यही मुद्दे सबसे अहम हैं।
वहीं व्हाइट हाउस का मानना है कि ईरान का नया प्रस्ताव मुख्य चिंताओं का समाधान नहीं करता। एक अमेरिकी अधिकारी ने इसे कोई खास सुधार नहीं बताया और कहा कि इससे कोई मजबूत समझौता नहीं हो सकता। अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर बातचीत ऐसे ही रुकती रही, तो दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
अब ईरान चाहता क्या है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान का कहना है कि अमेरिका बातचीत के दौरान कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने के लिए तैयार दिखा है। वहीं ईरान चाहता है कि सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं। अमेरिका ने संकेत दिया है कि किसी भी तरह की राहत तभी दी जाएगी जब ईरान भी कुछ शर्तें माने।
दूसरी ओर, ईरान की टीम का कहना है कि अमेरिका ने तेल प्रतिबंधों में अस्थायी छूट का प्रस्ताव रखा है, लेकिन वाशिंगटन का कहना है कि यह बिना शर्त नहीं होगा। स्थिति को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति और सैन्य विकल्पों पर चर्चा हो सकती है।
ट्रंप ने पहले भी चेतावनी दी थी कि समय बहुत कम है और अगर ईरान लचीलापन नहीं दिखाता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच संकट बना हुआ है। अमेरिका सख्त न्यूक्लियर नियंत्रण चाहता है, जबकि ईरान सभी प्रतिबंधों में राहत की मांग कर रहा है।


