India–New Zealand Trade: भारत और न्यूजीलैंड (New Zealand) के बीच 10 साल बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) हुआ है। जिसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस डील के तहत भारत के करीब 8000 उत्पाद न्यूजीलैंड में ड्यूटी फ्री पहुंच सकेंगे, जिससे खासकर छोटे और मझोले उद्योगों को फायदा होगा। वहीं न्यूजीलैंड को भी भारत में अपने कई उत्पादों पर कम शुल्क का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही 20 अरब डॉलर तक निवेश और रोजगार के नए मौके बनने की उम्मीद है। हालांकि डेयरी सेक्टर को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्रधानमंत्री लक्सन ने बताया ऐतिहासिक समझौता
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे ‘एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता’ बताया। उनका कहना है कि भारत जैसे बड़े बाजार तक पहुंच मिलने से न्यूजीलैंड के कारोबारियों को फायदा होगा। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह समझौता दोनों देशों के लिए खास माना जा रहा है।
भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा
इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के करीब 8,000 से ज्यादा उत्पादों को न्यूजीलैंड में बिना किसी शुल्क के एंट्री मिलेगी। शुरुआत में ही करीब 70% भारतीय सामान जैसे चमड़ा, हैंडलूम और हस्तशिल्प ड्यूटी फ्री हो जाएंगे। इससे छोटे और मझोले उद्योगों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार के नए मौके
न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर तक निवेश करने का वादा किया है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में होगा। दोनों देशों ने अगले पांच साल में आपसी व्यापार को लगभग 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। अभी के मुकाबले यह एक बड़ा उछाल माना जा रहा है। इसके अलावा इस समझौते के तहत हर साल 5,000 भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वीजा और 1,000 वर्क-हॉलिडे वीजा का रास्ता भी खुलेगा। आईटी, हेल्थकेयर, शिक्षा और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लोगों को इससे फायदा मिलेगा।
| श्रेणी | क्या मिला / क्या फायदा |
|---|---|
| भारत को फायदा | करीब 8000 उत्पाद न्यूजीलैंड में ड्यूटी फ्री |
| 70% सामान (चमड़ा, हैंडलूम, हस्तशिल्प) पर तुरंत राहत | |
| छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा | |
| निर्यात और रोजगार के नए मौके | |
| न्यूजीलैंड को फायदा | ऊन, लकड़ी, फल, वाइन जैसे उत्पादों पर भारत में कम शुल्क |
| भारत जैसे बड़े बाजार तक बेहतर पहुंच | |
| भारत में निवेश के मौके | |
| निवेश और रोजगार | 15 साल में 20 अरब डॉलर तक निवेश |
| 5000 भारतीय प्रोफेशनल्स को हर साल वीजा | |
| 1000 वर्क-हॉलिडे वीजा | |
| IT, हेल्थकेयर, शिक्षा, कंस्ट्रक्शन में मौके | |
| किन क्षेत्रों को बाहर रखा | डेयरी, चीनी, प्याज, मसाले |
डेयरी सेक्टर को लेकर चिंता बरकरार
हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, लेकिन भविष्य में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि न्यूजीलैंड दुनिया के बड़े डेयरी निर्यातकों में से एक है, इसलिए भारत को सावधानी बरतनी होगी। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और लोगों के आवागमन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।


