अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: ईरान से जुड़े तेल टैंकर पर किया कब्जा, चीन जा रहा था जहाज

अमेरिका की बड़ी कार्रवाई: ईरान से जुड़े तेल टैंकर पर किया कब्जा, चीन जा रहा था जहाज

US Seizes Iran Oil Tanker: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने एक और सख्त कदम उठाते हुए ईरान से जुड़े एक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई हिंद महासागर में की गई, जहां अमेरिकी बलों ने मजेस्टिक एक्स (Majestic X) नाम के टैंकर पर कब्जा किया। यह जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल की तस्करी से जुड़ा था और चीन की ओर जा रहा था।

अमेरिकी सेना की कार्रवाई, वीडियो भी जारी

पेंटागन ने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें अमेरिकी सैनिक टैंकर के डेक पर नजर आ रहे हैं। अमेरिकी बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई अवैध तेल नेटवर्क को रोकने और ईरान को समर्थन देने वाले जहाजों पर नकेल कसने के लिए की गई है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रखेगा।

हिंद महासागर में पकड़ा गया टैंकर

शिप-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, मजेस्टिक एक्स हिंद महासागर में श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच मौजूद था, जब इसे जब्त किया गया। यह जहाज पहले फीनिक्स (Phonix) नाम से जाना जाता था और 2024 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस पर प्रतिबंध भी लगाया था। उस पर ईरानी कच्चे तेल की तस्करी का आरोप है।

एक दिन पहले ईरान ने भी रोके थे जहाज

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमला किया था और दो को अपने कब्जे में ले लिया था। इस घटनाक्रम ने पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।

तेल सप्लाई पर असर, कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच इस टकराव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है जो युद्ध से पहले के स्तर से करीब 35% ज्यादा है। इससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

निर्यात पर असर, बढ़ा आर्थिक दबाव

इस टकराव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और अन्य जरूरी सामानों का निर्यात लगभग ठप हो गया है। यह जलमार्ग दुनिया के करीब 20% तेल के परिवहन के लिए अहम माना जाता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर भी असर डाल रहा है।

ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस कार्रवाई पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अमेरिका और ईरान के बीच टकराव को और गहरा कर सकती हैं।

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