bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित चित्रगुप्त मंदिर में ‘कायस्थम मध्यप्रदेश’ द्वारा कायस्थ कुल के आराध्य देव, न्याय और लेखनी के देवता भगवान चित्रगुप्त का प्राकट्योत्सव अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर भोपाल के कोने-कोने से आए चित्रांश बंधुओं ने सामूहिक पूजन, हवन और महाआरती में भाग लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।
युद्ध की विभीषिका से मुक्ति और विश्व शांति की प्रार्थना
भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में एक विशेष संकल्प लिया गया। पूजन और हवन के पश्चात सभी चित्रांश बंधुओं ने भगवान चित्रगुप्त से प्रार्थना की कि वे संपूर्ण विश्व को वर्तमान में जारी युद्धों की विभीषिका से बचाएं और मानवता के कल्याण के लिए शांति स्थापित करें।
अतिथियों का सम्मान और गरिमामयी उपस्थिति
प्राकट्योत्सव में दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी और क्षेत्रीय पार्षद प्रवीण सक्सेना विशेष रूप से शामिल हुए। अतिथियों ने भगवान चित्रगुप्त की विधिवत पूजा-अर्चना की और आरती में भाग लिया। इस दौरान ‘कायस्थम’ के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव और उपाध्यक्ष आर.पी. श्रीवास्तव ने अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया और उन्हें साहित्य (पुस्तक) भेंट की।
भजन संध्या में मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ यहां एक भव्य भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। प्रसिद्ध भजन गायिका कविता सक्सेना और रत्ना खरे की सुमधुर आवाज़ ने श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबो दिया। वहीं गायक सर्वश्री राकेश रायजादा, राकेश श्रीवास्तव, प्रदीप रायजादा और शैलेश श्रीवास्तव ने चित्रगुप्त की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी, जिससे पूरा मंदिर परिसर मंत्रमुग्ध हो गया।
भंडारा और प्रसाद वितरण
महाआरती के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में चित्रांश बंधुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के दौरान ‘कायस्थम’ की ओर से उपस्थित जनसमुदाय को भगवान चित्रगुप्त के कैलेंडर भेंट किए गए। उत्सव के समापन पर शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
अगले वर्ष और भव्य होगा आयोजन
कायस्थम की महासचिव डॉ. रश्मि सक्सेना, कोषाध्यक्ष मुकुल अस्थाना, उपाध्यक्ष सुरेश श्रीवास्तव और सचिव आलोक श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। पदाधिकारियों ने घोषणा की कि अगले वर्ष से भगवान चित्रगुप्त के प्राकट्योत्सव को और व्यापक और भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर कायस्थम के सलाहकार, कार्यकारिणी सदस्य और राजधानी के प्रमुख कायस्थजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि कायस्थ समाज की एकजुटता का भी संदेश दिया।


