राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत ‘कायाकल्प’ योजना के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस योजना में राज्य के विभिन्न जिलों के सदर अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मूल्यांकन स्वच्छता, व्यवस्थापन, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और पर्यावरणीय मानकों के आधार पर किया जाता है। रैंकिंग में सहरसा सदर अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। सहरसा सदर अस्पताल को कुल 93.08 अंक मिले हैं, जिसके आधार पर उसे राज्य में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए अस्पताल को 50 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही ईको-फ्रेंडली श्रेणी में भी सहरसा ने बाजी मारी है। इस श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर 10 लाख रुपए का अतिरिक्त पुरस्कार अपने नाम किया है। अस्पताल प्रबंधन की इस सफलता को स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रैंकिंग में दूसरे स्थान पर सुपौल सदर अस्पताल रहा, जिसे 20 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। वहीं, भागलपुर सदर अस्पताल ने 86.71 अंक प्राप्त करते हुए 5वां स्थान हासिल किया है। हालांकि भागलपुर शीर्ष स्थानों में जगह नहीं बना सका, फिर भी उसे संतोषजनक प्रदर्शन के लिए सांत्वना पुरस्कार के रूप में 3 लाख रुपए दिए जाएंगे। 1-1 लाख का भी पुरस्कार दिया जाएगा कायाकल्प योजना के तहत जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। भागलपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला, नारायणपुर, गोपालपुर, सबौर, जगदीशपुर और इस्माइलपुर को भी उनके बेहतर कार्य के लिए एक-एक लाख रुपए का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इन केंद्रों ने स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। इसके अलावा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हुसैनाबाद को भी इस योजना के तहत विजेता घोषित किया गया है। हुसैनाबाद केंद्र को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। शहरी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और साफ-सफाई के बेहतर मानकों को बनाए रखने के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मरीजों को बेहतर सुविधा देने पर मिलती है अंक
कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, संक्रमण के जोखिम को कम करना, मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण कर उन्हें अंक दिए जाते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस वर्ष के परिणामों में सहरसा का शीर्ष पर रहना इस बात का संकेत है कि वहां स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया गया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रम के तहत ‘कायाकल्प’ योजना के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस योजना में राज्य के विभिन्न जिलों के सदर अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मूल्यांकन स्वच्छता, व्यवस्थापन, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और पर्यावरणीय मानकों के आधार पर किया जाता है। रैंकिंग में सहरसा सदर अस्पताल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। सहरसा सदर अस्पताल को कुल 93.08 अंक मिले हैं, जिसके आधार पर उसे राज्य में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए अस्पताल को 50 लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही ईको-फ्रेंडली श्रेणी में भी सहरसा ने बाजी मारी है। इस श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर 10 लाख रुपए का अतिरिक्त पुरस्कार अपने नाम किया है। अस्पताल प्रबंधन की इस सफलता को स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रैंकिंग में दूसरे स्थान पर सुपौल सदर अस्पताल रहा, जिसे 20 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। वहीं, भागलपुर सदर अस्पताल ने 86.71 अंक प्राप्त करते हुए 5वां स्थान हासिल किया है। हालांकि भागलपुर शीर्ष स्थानों में जगह नहीं बना सका, फिर भी उसे संतोषजनक प्रदर्शन के लिए सांत्वना पुरस्कार के रूप में 3 लाख रुपए दिए जाएंगे। 1-1 लाख का भी पुरस्कार दिया जाएगा कायाकल्प योजना के तहत जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। भागलपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला, नारायणपुर, गोपालपुर, सबौर, जगदीशपुर और इस्माइलपुर को भी उनके बेहतर कार्य के लिए एक-एक लाख रुपए का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इन केंद्रों ने स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। इसके अलावा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हुसैनाबाद को भी इस योजना के तहत विजेता घोषित किया गया है। हुसैनाबाद केंद्र को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा। शहरी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और साफ-सफाई के बेहतर मानकों को बनाए रखने के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मरीजों को बेहतर सुविधा देने पर मिलती है अंक
कायाकल्प योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता को बढ़ावा देना, संक्रमण के जोखिम को कम करना, मरीजों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण कर उन्हें अंक दिए जाते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस वर्ष के परिणामों में सहरसा का शीर्ष पर रहना इस बात का संकेत है कि वहां स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया गया है।


