लालसोट। ब्यावर से भरतपुर तक प्रस्तावित 324 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व प्रभावित गांवों में सोमवार से जनसुनवाई शुरू हो गई है। बिनोरी गांव के अटल सेवा केंद्र पर सुबह 11 बजे से जनसुनवाई हुई। इसमें बिनोरी सहित आसपास के गांवों के भू स्वामी एवं ग्रामीण अपनी समस्याएं एवं सुझाव दर्ज करा रहे है। इधर, कुछ गांवों में प्रस्तावित ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे को लेकर ग्रामीणों ने विरोध भी जताया है।
बिनोरी क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे को दक्षिणी सागर बांध एवं बिनोरी सागर बांध से हटाकर किया जाए, क्योंकि इन जल स्रोतों पर 25 गांवों की पेयजल एवं सिंचाई निर्भरता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इन बांधों से होकर निकला तो बड़ा जल संकट उत्पन्न हो सकता है। उपखंड अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना ने बताया कि जनसुनवाई का उद्देश्य ग्रामीणों की आपत्तियों एवं सुझावों को दर्ज कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाना है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दौसा जिले के इन गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे टोंक से दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में प्रवेश करेगा। एक्सप्रेस-वे का विजयपुरा, लोरवाड़ा, गूदड़िया, श्रीमा, गोविंदपुरा, करणपुरा चक 1 से चक 4, मोहब्बतपुरा, देवली, खेडली, प्रहलादपुरा, खटवा, मालावास, रामपुरा खुर्द, भामूवास, रामपुरा कलां, बिलौणा कलां, खेमावास, किशनपुरा, टोडा ठेकला, बिनोरी, शाहपुरा महाराजपुरा, थानपुरा, हमीरपुरा, डिवाचली कलां एवं डिवाचली खुर्द गांव की कुल 260.559 हैक्टेयर भूमि से गुजरना प्रस्तावित है।

हाईवे जंक्शन के रूप में विकसित होगा लालसोट
ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद लालसोट उपखंड एक हाईवे जंक्शन के रूप में विकसित होगा। फिलहाल लालसोट उपखंड क्षेत्र से ब्यावर-दिल्ली-मुंबई एक्सप्रसे-वे, मनोहरपुर-कोथून नेशनल हाईवे, लालसोट धौलपुर नेशनल हाईवे एवं लालसोट-कोटा मेगा हाईवे गुजर रहे है। एक नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद ये सभी राजमार्ग भी आपस में कनेक्ट हो जाएंगे, जिससे आने वाले समय में लालसोट से प्रदेश व देश के सभी बड़े शहरों के बीच सड़क संपर्क और अधिक बेहतर होगा।

342 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
गौरतलब है कि 342 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का मार्ग ब्यावर, अजमेर, टॉक, दौसा, सवाईमाधोपुर और भरतपुर जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक्सप्रेसवे ब्यावर के नेशनल हाईवे 58 से शुरू होकर, मसूदा, बांदनवाड़ा, भिनाय, नागोला, केकड़ी, फागी, माधोराजपुरा, टोडारायसिंह, निवाई, लालसोट, निर्झरना, गंगापुर सिटी होते हुए भरतपुर में नेशनल हाईवे 21 पर जाकर मिलेगा। लगभग 14 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के लिए करीब 3175 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।


