BCCI विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक नई रिटायरमेंट नीति तैयार करने जा रहा है। आज होने वाली एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस नीति के साथ-साथ मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर चर्चा होगी। इस बैठक के एजेंडे में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी का मुद्दा शामिल नहीं है। विजय शंकर के संन्यास के बाद BCCI सख्त
भारतीय क्रिकेटर्स में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए समय से पहले इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास लेने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास लेने के तुरंत बाद उन्होंने खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध कराया, जहां उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साल 2026 सीजन के लिए साइन कर लिया है। इसी घटना के बाद BCCI इस मामले को लेकर गंभीर हुआ है। इन 5 खिलाड़ियों ने भी अपनाया है यही रास्ता
विजय शंकर से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रविण तांबे और इरफान पठान शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशी लीगों में खेलने के योग्य होने के लिए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का रास्ता चुना था। क्या है BCCI की वर्तमान पॉलिसी?
BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। इस नियम के दायरे में इंटरनेशनल खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी और IPL के खिलाड़ी शामिल हैं। मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर विचार
खिलाड़ियों के संन्यास के मुद्दे के अलावा, BCCI इस बैठक में दो इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड्स की मदद पर भी विचार करेगा। बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव और क्रिकेट फिजी की ओर से आए सहायता के अनुरोधों पर चर्चा करेंगे। बैठक में इस बात की चर्चा की जाएगी कि इन दोनों बोर्डों को किस तरह का सहयोग दिया जा सकता है।


