बांका जिले में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने सख्त कदम उठाए हैं। कांडों के निष्पादन में लापरवाही और समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में जिले के विभिन्न थाना एवं ओपी क्षेत्रों के कुल 50 अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सभी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई केवल अनुसंधानकर्ताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन थानाध्यक्षों पर भी गाज गिरी है। एससी/एसटी थाना, बौंसी थाना और फुल्लीडुमर थाना के थानाध्यक्षों का वेतन भी कांडों के निष्पादन में ढिलाई बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस कदम को पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया इसके अलावा 19 अनुसंधानकर्ताओं को शोकॉज नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कांडों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के पुलिसकर्मियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिल सकेगी। बांका जिले में पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने सख्त कदम उठाए हैं। कांडों के निष्पादन में लापरवाही और समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में जिले के विभिन्न थाना एवं ओपी क्षेत्रों के कुल 50 अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। सभी का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कार्रवाई केवल अनुसंधानकर्ताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन थानाध्यक्षों पर भी गाज गिरी है। एससी/एसटी थाना, बौंसी थाना और फुल्लीडुमर थाना के थानाध्यक्षों का वेतन भी कांडों के निष्पादन में ढिलाई बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस कदम को पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। शोकॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया इसके अलावा 19 अनुसंधानकर्ताओं को शोकॉज नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कांडों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के पुलिसकर्मियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि इससे लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवा मिल सकेगी।


