भागलपुर के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला विक्रमशिला सेतु अचानक क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पुल पर गाड़ी का आवागमन पूरी तरह बंद होने से अब इसका सीधा असर बेगूसराय और मुंगेर को जोड़ने वाले श्रीकृष्ण सेतु (मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल) पर दिखने लगा है। पिछले दो दिनों में यहां ट्रैफिक का दबाव इस कदर बढ़ा है कि सामान्य दिनों की तुलना में गाड़ी की संख्या में तीन गुना से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। टोल प्लाजा के कर्मचारियों के अनुसार जहां पहले सामान्य दिनों में गाड़ी का आवागमन संतुलित रहता था, वहीं अब प्रतिदिन 5000 से अधिक गाड़ी इस पुल से गुजर रहे हैं। टोल स्टाफ का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर जाने वाली छोटी और बड़ी सभी गाड़ियां मुंगेर पुल का रुख कर रही हैं। स्थिति यह है कि टोल पर कभी-कभी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और कर्मियों को ट्रैफिक मैनेज करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। ओवरलोडेड गाड़ी के चलने पर तत्काल प्रभाव से रोक इधर, मुंगेर पुल की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस पर भारी और ओवरलोडेड गाड़ी के चलने पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि बिहार सरकार के परिवहन विभाग से हासिल निर्देशों को लेकर जिला प्रशासन श्री कृष्ण सेतु (मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल) की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि परिवहन विभाग बिहार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि बेगूसराय-मुंगेर के बीच स्थित इस महत्वपूर्ण पुल पर लगातार भारी वाहनों के आवागमन से इसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। मुख्य सचिव ने भी पुल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार इस पुल से केवल 20 टन तक भार वाले वाहनों के परिचालन की अनुमति दी गई है। निर्धारित सीमा से अधिक भार वाले वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जमुई जिले के बालू घाटों से होने वाले ओवरलोडेड परिवहन और अवैध खनन की रोकथाम के लिए पुल के दोनों छोर पर हाइट गेज लगाने तथा जांच चौकी स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है। 20 टन से अधिक के भारी गाड़ी को बेगूसराय-सिमरिया सिक्स लेन पुल-हाथीदह-मोकामा-लखीसराय-मुंगेर के रास्ते आवागमन करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडेड और भारी वाहनों को पुल पर प्रवेश न करने दिया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुल की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। आम जनता और ट्रक चालकों से अपील है कि वे विभाग की ओर से निर्धारित रूट चार्ट का ही पालन करें, ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके। पथ निर्माण विभाग फिलहाल विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के आकलन में जुटा है। भागलपुर के लिए लाइफलाइन माना जाने वाला विक्रमशिला सेतु अचानक क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पुल पर गाड़ी का आवागमन पूरी तरह बंद होने से अब इसका सीधा असर बेगूसराय और मुंगेर को जोड़ने वाले श्रीकृष्ण सेतु (मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल) पर दिखने लगा है। पिछले दो दिनों में यहां ट्रैफिक का दबाव इस कदर बढ़ा है कि सामान्य दिनों की तुलना में गाड़ी की संख्या में तीन गुना से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। टोल प्लाजा के कर्मचारियों के अनुसार जहां पहले सामान्य दिनों में गाड़ी का आवागमन संतुलित रहता था, वहीं अब प्रतिदिन 5000 से अधिक गाड़ी इस पुल से गुजर रहे हैं। टोल स्टाफ का कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर जाने वाली छोटी और बड़ी सभी गाड़ियां मुंगेर पुल का रुख कर रही हैं। स्थिति यह है कि टोल पर कभी-कभी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और कर्मियों को ट्रैफिक मैनेज करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। ओवरलोडेड गाड़ी के चलने पर तत्काल प्रभाव से रोक इधर, मुंगेर पुल की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इस पर भारी और ओवरलोडेड गाड़ी के चलने पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि बिहार सरकार के परिवहन विभाग से हासिल निर्देशों को लेकर जिला प्रशासन श्री कृष्ण सेतु (मुंगेर रेल-सह-सड़क पुल) की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि परिवहन विभाग बिहार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि बेगूसराय-मुंगेर के बीच स्थित इस महत्वपूर्ण पुल पर लगातार भारी वाहनों के आवागमन से इसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। मुख्य सचिव ने भी पुल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार इस पुल से केवल 20 टन तक भार वाले वाहनों के परिचालन की अनुमति दी गई है। निर्धारित सीमा से अधिक भार वाले वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जमुई जिले के बालू घाटों से होने वाले ओवरलोडेड परिवहन और अवैध खनन की रोकथाम के लिए पुल के दोनों छोर पर हाइट गेज लगाने तथा जांच चौकी स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया है। 20 टन से अधिक के भारी गाड़ी को बेगूसराय-सिमरिया सिक्स लेन पुल-हाथीदह-मोकामा-लखीसराय-मुंगेर के रास्ते आवागमन करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडेड और भारी वाहनों को पुल पर प्रवेश न करने दिया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुल की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और निर्बाध यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। आम जनता और ट्रक चालकों से अपील है कि वे विभाग की ओर से निर्धारित रूट चार्ट का ही पालन करें, ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके। पथ निर्माण विभाग फिलहाल विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के आकलन में जुटा है।


