सीवान में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में शोषण पर बड़ा एक्शन:भास्कर की खबर का असर, 22 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू

सीवान में ऑर्केस्ट्रा की आड़ में शोषण पर बड़ा एक्शन:भास्कर की खबर का असर, 22 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू

सीवान में दैनिक भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद मंगलवार को पुलिस ने 22 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया है। इन सभी नाबालिगों से जिस्मफरोशी का धंधा कराया जा रहा था। मंगलवार की सुबह SP समेत कई थानों की पुलिस अलग-अलग जगह पर छापेमारी अभियान चलाई। सिविल ड्रेस पहनकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कमरे से एक-एक कर लड़कियों को बरामद किया गया। इस रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि एसपी पूरन कुमार झा के निर्देश पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है। आंदर थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी, 22 लड़कियां रेस्क्यू आंदर थाना क्षेत्र में पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली के टीम मेंबर संजय प्रसाद और सुजय दियासन, साथ ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के इंस्पेक्टर अशोक कुमार दास की मौजूदगी में छापेमारी की गई। इस दौरान आंदर थाना क्षेत्र के तीन अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स में छापा मारकर कुल 22 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में सभी लड़कियां नाबालिग पाई गई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर या दबाव में इस काम में लगाया गया था। मेडिकल जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया है। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। लड़कियों को न्यायालय में बयान दर्ज कराने से पहले बालिका गृह में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उनकी काउंसलिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन इस पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाल रहा है, ताकि पीड़ितों को किसी तरह की मानसिक या सामाजिक परेशानी न हो। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पचरुखी थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की छापेमारी की गई थी, जहां करीब 21 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। उस मामले में मेडिकल जांच के बाद 4 लड़कियां नाबालिग पाई गई थीं। पचरुखी केस में पुलिस ने मुख्य संचालिका समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस कार्रवाई के बाद भी जिले में कई जगहों पर अवैध रूप से ऑर्केस्ट्रा के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने अभियान को और तेज कर दिया है। एसपी बोले- अभियान जारी रहेगा, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत एसपी पूरन कुमार झा ने स्पष्ट कहा कि दैनिक भास्कर में खबर आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और भी प्रभावी हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में जहां-जहां ऑर्केस्ट्रा के नाम पर शोषण की आशंका है, वहां लगातार छापेमारी जारी रहेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “जब तक सभी पीड़ित लड़कियों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक यह अभियान थमेगा नहीं। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” जिले में हड़कंप, संचालकों में डर का माहौल प्रशासन की इस लगातार कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। अवैध रूप से संचालित ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स के संचालकों में डर का माहौल है। कई जगहों पर ऑर्केस्ट्रा बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ संचालक फरार बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे समाज के लिए जरूरी बताया है। मानव तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश इस कार्रवाई को मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल से यह साफ हो गया है कि अब इस तरह के अवैध धंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहने की संभावना है, जिससे जिले में चल रहे इस नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश हो सके। सीवान में दैनिक भास्कर के ऑपरेशन रेड लाइट के बाद मंगलवार को पुलिस ने 22 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया है। इन सभी नाबालिगों से जिस्मफरोशी का धंधा कराया जा रहा था। मंगलवार की सुबह SP समेत कई थानों की पुलिस अलग-अलग जगह पर छापेमारी अभियान चलाई। सिविल ड्रेस पहनकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कमरे से एक-एक कर लड़कियों को बरामद किया गया। इस रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि एसपी पूरन कुमार झा के निर्देश पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीम बनाकर कार्रवाई की जा रही है। आंदर थाना क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी, 22 लड़कियां रेस्क्यू आंदर थाना क्षेत्र में पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सदर-2 एसडीपीओ गौरी कुमारी के नेतृत्व में रेस्क्यू फाउंडेशन दिल्ली के टीम मेंबर संजय प्रसाद और सुजय दियासन, साथ ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के इंस्पेक्टर अशोक कुमार दास की मौजूदगी में छापेमारी की गई। इस दौरान आंदर थाना क्षेत्र के तीन अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स में छापा मारकर कुल 22 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में सभी लड़कियां नाबालिग पाई गई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर या दबाव में इस काम में लगाया गया था। मेडिकल जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया है। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। लड़कियों को न्यायालय में बयान दर्ज कराने से पहले बालिका गृह में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उनकी काउंसलिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन इस पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाल रहा है, ताकि पीड़ितों को किसी तरह की मानसिक या सामाजिक परेशानी न हो। पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले पचरुखी थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की छापेमारी की गई थी, जहां करीब 21 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। उस मामले में मेडिकल जांच के बाद 4 लड़कियां नाबालिग पाई गई थीं। पचरुखी केस में पुलिस ने मुख्य संचालिका समेत दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस कार्रवाई के बाद भी जिले में कई जगहों पर अवैध रूप से ऑर्केस्ट्रा के संचालन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने अभियान को और तेज कर दिया है। एसपी बोले- अभियान जारी रहेगा, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत एसपी पूरन कुमार झा ने स्पष्ट कहा कि दैनिक भास्कर में खबर आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और भी प्रभावी हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में जहां-जहां ऑर्केस्ट्रा के नाम पर शोषण की आशंका है, वहां लगातार छापेमारी जारी रहेगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “जब तक सभी पीड़ित लड़कियों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक यह अभियान थमेगा नहीं। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।” जिले में हड़कंप, संचालकों में डर का माहौल प्रशासन की इस लगातार कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। अवैध रूप से संचालित ऑर्केस्ट्रा ग्रुप्स के संचालकों में डर का माहौल है। कई जगहों पर ऑर्केस्ट्रा बंद कर दिए गए हैं, जबकि कुछ संचालक फरार बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन अब जाकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे समाज के लिए जरूरी बताया है। मानव तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश इस कार्रवाई को मानव तस्करी और बाल शोषण के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल से यह साफ हो गया है कि अब इस तरह के अवैध धंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहने की संभावना है, जिससे जिले में चल रहे इस नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश हो सके।  

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