‘सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य’ योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम:डॉ. अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पॉक्सो एक्ट पर दी जानकारी

‘सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य’ योजना के तहत जागरूकता कार्यक्रम:डॉ. अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पॉक्सो एक्ट पर दी जानकारी

अररिया जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शुक्रवार को फारबिसगंज प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। “सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य जागृति योजना 2025” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानून संबंधी जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने किया। इसमें मुख्य रूप से बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एडवोकेट रंजन ने बच्चों और शिक्षकों को बताया कि यह कानून बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, शोषण या अपराध की स्थिति में वे कानूनी सहायता कैसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की भी जानकारी दी गई। राहुल रंजन ने बताया कि इस अधिनियम के तहत जरूरतमंद और पीड़ित बच्चों की देखरेख, संरक्षण, उपचार, विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। श्री रंजन ने बच्चों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जागरूकता ही बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने का सबसे मजबूत माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में छात्रों से कानून और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूक रहने की अपील की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कांत, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी बसंत कुमार सिंह, अधिकार मित्र युगल किशोर गुप्ता, शिक्षकों में नवनीत कुमार, बिपिन कुमार, खोज नारायण साहू, समीर कुमार सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे। अररिया जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शुक्रवार को फारबिसगंज प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। “सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य जागृति योजना 2025” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानून संबंधी जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल एडवोकेट राहुल रंजन ने किया। इसमें मुख्य रूप से बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) 2012 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। एडवोकेट रंजन ने बच्चों और शिक्षकों को बताया कि यह कानून बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, शोषण या अपराध की स्थिति में वे कानूनी सहायता कैसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 की भी जानकारी दी गई। राहुल रंजन ने बताया कि इस अधिनियम के तहत जरूरतमंद और पीड़ित बच्चों की देखरेख, संरक्षण, उपचार, विकास एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। श्री रंजन ने बच्चों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जागरूकता ही बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने का सबसे मजबूत माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में छात्रों से कानून और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूक रहने की अपील की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण कांत, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी बसंत कुमार सिंह, अधिकार मित्र युगल किशोर गुप्ता, शिक्षकों में नवनीत कुमार, बिपिन कुमार, खोज नारायण साहू, समीर कुमार सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *