सलमान की छवि बिगाड़ने की कोशिश:एक्टर सोनू मिश्रा बोले- इसलिए फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ी, अब धमकियां मिल रही हैं

सलमान की छवि बिगाड़ने की कोशिश:एक्टर सोनू मिश्रा बोले- इसलिए फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ी, अब धमकियां मिल रही हैं

‘आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है…’ 14 अप्रैल को आए एक फोन कॉल से अभिनेता सोनू मिश्रा को लगा कि उनके करियर का बड़ा मोड़ आने वाला है। जल्दबाजी में टिकट भेजी गई, शूट के लिए यूपी बुलाया गया और बताया गया कि फिल्म एक बड़े सुपरस्टार से जुड़ी है। लेकिन सेट पर पहुंचने के बाद चीजें वैसी नहीं निकलीं जैसी उन्हें समझाई गई थीं। स्क्रिप्ट नहीं मिली, एग्रीमेंट नहीं हुआ और कहानी को लेकर सवाल बढ़ते गए। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनू मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बीच में ही फिल्म ‘काला हिरण’ छोड़ने का फैसला क्यों लिया और इस विवाद के पीछे क्या हुआ। फोन आया और कहा गया- आपकी लाइफ का सबसे बड़ा किरदार है सोनू मिश्रा बताते हैं कि 14 अप्रैल को उन्हें अचानक फोन आया। उस वक्त वह एक बड़े प्रोजेक्ट की मीटिंग में थे। कॉल करने वालों ने कहा कि 16 तारीख को फ्री रहिए, आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा किरदार आपको ऑफर किया जा रहा है। पहले उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। सिर्फ इतना बताया गया कि एक सुपरस्टार पर फिल्म बन रही है। सोनू के मुताबिक, वह पहले भी सलमान खान के साथ काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें लगा कि यह उनके करियर का बड़ा मौका हो सकता है। जल्दी-जल्दी बुलाया गया, टिकट के पैसे भेजे और सीधे शूटिंग पर पहुंचे सोनू के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि शूट बहुत तेजी से करना है और अगले ही दिन यूपी पहुंचना होगा। उन्हें टोकन मनी भेजी गई, जिससे फ्लाइट टिकट बुक हुई। मुंबई से दिल्ली और फिर सड़क मार्ग से शूटिंग लोकेशन पहुंचाया गया। उनका कहना है कि शुरुआत से सब कुछ जल्दबाजी में हो रहा था। लीड रोल था, लेकिन न स्क्रिप्ट मिली, न एग्रीमेंट सोनू कहते हैं कि जब वह सेट पर पहुंचे, तब भी उन्हें किरदार की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कई बार पूछा कि स्क्रिप्ट कहां है और एग्रीमेंट कब होगा। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि लीड रोल होने के बावजूद कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं हुई। कोर्टरूम सीन करते-करते मुझे लगा मामला कुछ और है सोनू मिश्रा के मुताबिक, शूटिंग के पहले दिन ज्यादातर हिस्सा कोर्टरूम सेटअप में फिल्माया जा रहा था। उनका दावा है कि उन्हें जिस किरदार के लिए बुलाया गया था, वह एक ऐसे व्यक्ति का था, जो कोर्ट के अंदर कटघरे जैसे माहौल में खड़ा दिखाया जा रहा था। सोनू कहते हैं कि शुरुआत में उन्हें बताया गया था कि फिल्म एक घटना और उससे जुड़े पहलुओं पर आधारित होगी, लेकिन शूट के दौरान डायलॉग और सीन देखकर उन्हें लगा कि फिल्म सिर्फ घटनाओं का रीक्रिएशन नहीं कर रही थी। उनके मुताबिक, कोर्टरूम वाले हिस्सों में वकीलों की बहस, आरोपों वाले संवाद और किरदार पर सवाल उठाने वाले सीन शूट किए जा रहे थे। सोनू का दावा है कि उन्हें लगा कि कहानी में एक पक्ष ज्यादा मजबूत तरीके से सामने आ रहा है। सोनू कहते हैं कि उन्हें इसी दौरान पहली बार महसूस हुआ कि जिस तरह प्रोजेक्ट समझाकर बुलाया गया था और सेट पर जो शूट हो रहा था, दोनों में अंतर है। उनके अनुसार, उसी दिन उन्होंने टीम से स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट मांगा, ताकि पूरी कहानी समझ सकें। लेकिन उन्हें कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाद में बाकी चीजें पूरी कर ली जाएंगी। सोनू का कहना है कि पहले दिन के शूट के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे और दूसरे दिन तक उन्होंने तय कर लिया कि बिना पूरी स्पष्टता के वह इस फिल्म का हिस्सा आगे नहीं बनना चाहते। दूसरे दिन लगा कि मुझे पूरी बात नहीं बताई गई सोनू मिश्रा बताते हैं कि पहले दिन के बाद उनके मन में कई सवाल थे। इसलिए दूसरे दिन वह इस उम्मीद के साथ सेट पर पहुंचे कि अब उन्हें स्क्रिप्ट, एग्रीमेंट और कहानी की पूरी दिशा समझाई जाएगी। उनके मुताबिक, दूसरे दिन भी शूटिंग जारी रही, लेकिन चीजें पहले दिन जैसी ही रहीं। उन्होंने दोबारा टीम से पूछा कि फिल्म की कहानी क्या है, किरदार किस दिशा में जा रहा है और आधिकारिक प्रक्रिया कब पूरी होगी। सोनू का दावा है कि उन्हें लगातार यही कहा गया कि शूट जल्दी खत्म करना है और बाकी औपचारिकताएं बाद में पूरी कर ली जाएंगी। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि फिल्म का नैरेटिव उस तरह नहीं जा रहा था, जैसा शुरुआत में समझाया गया था। सोनू कहते हैं कि दूसरे दिन तक उन्हें लगने लगा था कि वह पूरी जानकारी के साथ इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बने हैं। उनके मुताबिक, कहानी, शूट और बातचीत- तीनों में उन्हें स्पष्टता नहीं मिल रही थी। उन्होंने कहा कि उसी दिन उन्होंने मन बना लिया था कि अगर स्क्रिप्ट और एग्रीमेंट के जरिए पूरी तस्वीर साफ नहीं की गई, तो वह आगे फिल्म का हिस्सा नहीं बनेंगे। हालांकि उस समय उन्होंने तुरंत फिल्म छोड़ने की घोषणा नहीं की। उनके मुताबिक, वह प्रोफेशनल तरीके से चीजों को मौका देना चाहते थे और इंतजार कर रहे थे कि शायद आगे चीजें स्पष्ट हो जाएं। लेकिन दूसरे दिन तक उन्होंने लगभग तय कर लिया था कि वह इस प्रोजेक्ट से बाहर निकल जाएंगे। एग्रीमेंट दिखाया गया, यहीं सबसे बड़ा झटका लगा सोनू बताते हैं कि कुछ दिनों बाद मेकर्स से मुलाकात हुई। उन्हें लगा कि अब औपचारिक तरीके से आगे बढ़ेंगे। लेकिन उनके मुताबिक, एग्रीमेंट में प्रमोशन से जुड़ी कुछ शर्तें थीं, जिनसे वह सहमत नहीं थे। “मैंने वहीं एग्रीमेंट फाड़ दिया।” सोनू कहते हैं कि उन्होंने उसी वक्त साफ कर दिया कि वह इस तरीके से काम नहीं करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने वहीं फिल्म छोड़ने का फैसला ले लिया। वॉइस नोट में सलमान का नाम लेकर कही गई बात, फिर लीगल एक्शन की चेतावनी सोनू मिश्रा ने इंटरव्यू में दावा किया कि फिल्म छोड़ने और मीडिया में अपनी बात रखने के बाद उन्हें एक वॉइस नोट मिला। सोनू के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ इतना पूछा था कि शूट किए गए दिनों का भुगतान कब मिलेगा। उनका दावा है कि जवाब में उन्हें कहा गया कि अब उनसे सीधे बात नहीं की जाएगी और आगे लीगल टीम संपर्क करेगी। सोनू ने यह भी दावा किया कि वॉइस नोट में सलमान खान का नाम लेते हुए कहा गया कि अगर वह सलमान खान के साथ भी खड़े हो जाएं, तब भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। सोनू के मुताबिक, बातचीत में यह भी कहा गया कि उन्होंने बिना अनुमति शूट से जुड़ी चीजें सोशल मीडिया पर शेयर कीं और मीडिया में बातें रखीं, जिस पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, सोनू का कहना है कि उनका उद्देश्य विवाद बढ़ाना नहीं था। वह सिर्फ अपना पक्ष और बकाया भुगतान को लेकर जवाब चाहते थे। सलमान खान की टीम का नोटिस: कब आया, किसे मिला और मेकर्स ने इसे कब दिखाया? सोनू मिश्रा ने इंटरव्यू में दावा किया कि जिस लीगल नोटिस को बाद में फिल्म के प्रमोशन के दौरान चर्चा में लाया गया, उसकी टाइमिंग और प्रस्तुति को लेकर सवाल हैं। उनके मुताबिक, यह नोटिस 24 अप्रैल को फ्रीलांस कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे के पास पहुंचा था। सोनू का कहना है कि अक्षय पांडे फिल्म के लिए अलग-अलग कलाकारों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन वह मेकर्स की टीम के साथ किसी औपचारिक एग्रीमेंट के तहत नहीं जुड़े थे। फिल्म की जानकारी बाहर कैसे पहुंची? सोनू के मुताबिक, कास्टिंग के दौरान कई एक्टर्स से संपर्क किया गया। इसी प्रक्रिया में इंडस्ट्री के कुछ लोगों तक यह जानकारी पहुंची कि एक ऐसी फिल्म बन रही है, जो ‘काला हिरण’ केस और सलमान खान के संदर्भ से जुड़ी बताई जा रही है। सोनू का दावा है कि इसी दौरान यह जानकारी सलमान खान की टीम तक भी पहुंची। नोटिस में क्या कहा गया था? सोनू के मुताबिक, नोटिस का स्वर सीधे धमकी वाला नहीं था। उनके दावे के अनुसार, नोटिस में कहा गया था कि जिस विषय पर फिल्म बनाई जा रही है, उससे जुड़ा मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। अगर किसी व्यक्ति की छवि या व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाली सामग्री बनाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित रखा जा सकता है। सोनू का कहना है कि नोटिस का फोकस यही था कि मामला संवेदनशील है और किसी निष्कर्षात्मक प्रस्तुति से बचना चाहिए। मेकर्स ने नोटिस कब सार्वजनिक किया? सोनू के मुताबिक, जिस नोटिस को बाद में सार्वजनिक रूप से दिखाया गया, वह नोटिस मिलने के काफी समय बाद सामने लाया गया। उनका दावा है कि नोटिस 24 अप्रैल का था, लेकिन इसे फिल्म के पोस्टर लॉन्च और चर्चा शुरू होने के बाद सामने रखा गया। सोनू सवाल उठाते हैं कि अगर नोटिस इतना महत्वपूर्ण था, तो उसे उसी समय सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। नोटिस को लेकर अलग नैरेटिव बनाया गया सोनू का कहना है कि बाद में आम लोगों के बीच यह धारणा बनी कि नोटिस सीधे फिल्म या कलाकारों को रोकने के लिए आया था। जबकि उनके मुताबिक, नोटिस की वास्तविक स्थिति और समयरेखा को समझना जरूरी है। ___________________________________ इस फिल्म से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. फिल्म काला हिरण को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा का दावा:सलमान को एकतरफा टारगेट किया जा रहा था; इसलिए बीच में फिल्म छोड़ी
फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर एक्टर सोनू मिश्रा ने दावा किया है कि फिल्म में सलमान खान का किरदार निभाने के लिए पहले उन्हें चुना गया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही प्रोजेक्ट छोड़ दिया।पूरी खबर पढ़ें..

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