इटावा में मई माह के दौरान हुई बारिश और तेज आंधी-तूफान से जनजीवन प्रभावित हुआ। जिले में कुल 41 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान आंधी-तूफान से संबंधित हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि छह से अधिक लोग घायल हुए। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की है और घायलों का उपचार सुनिश्चित कराया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी अवनीश दुबे ने बताया कि मई माह में इटावा जिले की विभिन्न तहसीलों में अलग-अलग तिथियों पर बारिश हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार बारिश की तुलना में तेज आंधी-तूफान से अधिक नुकसान हुआ। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण दो व्यक्तियों की जान चली गई। शासन की आपदा राहत नीति के तहत, दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में भेज दी गई है। यह सहायता राशि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। अवनीश दुबे ने आगे बताया कि आंधी और बारिश के दौरान हुए हादसों में छह से अधिक लोग घायल हुए थे। प्रशासन ने सभी घायलों का तत्काल उपचार सुनिश्चित कराया, जिससे उन्हें समय पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी। जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर निरंतर निगरानी रखी और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। कृषि क्षेत्र पर मौसम के प्रभाव के बारे में, अवनीश दुबे ने जानकारी दी कि इस बार बड़े पैमाने पर नुकसान की स्थिति नहीं बनी। वर्तमान में खेतों में मुख्य रूप से मूंग की फसल खड़ी है। अन्य प्रमुख फसलें न होने के कारण बारिश का असर सीमित रहा। हालांकि, कई स्थानों पर तेज हवाओं और तूफान के कारण पेड़ों, बिजली लाइनों और सामान्य जनजीवन पर प्रभाव देखा गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार, फिलहाल आने वाले दिनों में जिले में बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं है। इसके बावजूद, प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष मई माह में भी बूंदाबांदी और हल्की वर्षा हुई थी, लेकिन उस दौरान जिले में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई थी। इसके विपरीत इस वर्ष आंधी-तूफान के कारण दो लोगों की मौत होने से प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों पर विशेष ध्यान देना पड़ा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने, तेज आंधी या बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल सूचना देकर सहायता प्राप्त की जा सकती है।


