सफारी पार्क में वन्यजीवों को गर्मी से बचाने के इंतजाम:इटावा में यमुना-चंबल के बीहड़ों में बढ़ते तापमान के कारण तैयारी

सफारी पार्क में वन्यजीवों को गर्मी से बचाने के इंतजाम:इटावा में यमुना-चंबल के बीहड़ों में बढ़ते तापमान के कारण तैयारी

इटावा में यमुना और चंबल के बीहड़ों में बढ़ती गर्मी के असर को देखते हुए इटावा सफारी पार्क में वन्य जीवों को लू और तेज धूप से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पानी, छाया और ठंडक की विशेष व्यवस्था के साथ नाइट सेल, सफारी क्षेत्र और ब्रीडिंग सेंटर में आधुनिक सुविधाएं लागू की गई हैं, जिससे सभी जानवरों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके। इटावा में पर 41 डिग्री तक पहुंच गया है। सफारी क्षेत्र में छाया और पानी की विशेष व्यवस्था बीहड़ क्षेत्र में पानी और छाया की कमी को ध्यान में रखते हुए सफारी क्षेत्र में फूस के छप्पर लगाए गए हैं और पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नाइट सेल के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर ख़स की चटाई लगाकर उन्हें लगातार गीला रखा जा रहा है। इसके साथ ही डेजर्ट कूलर भी लगाए गए हैं ताकि अंदर का वातावरण ठंडा बना रहे। ब्रीडिंग सेंटर और जानवरों के लिए आधुनिक सुविधाएं ब्रीडिंग सेंटर और पार्चुरिशन हाउस में एसी लगाए गए हैं ताकि शेरनी और उनके नवजात शावकों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके। पेड़-पौधों की बढ़ी छाया से बब्बर शेरों को प्राकृतिक माहौल मिल रहा है। सफारी और क्राल में फॉगर लगाए गए हैं जिससे वातावरण में नमी बनी रहती है। भालू और लेपर्ड हाउस में भी कूलर और ख़स की चटाइयों से तापमान नियंत्रित किया जा रहा है। हिरण प्रजातियों और वृद्ध शेरों का विशेष ध्यान डियर और एंटीलोप सफारी में तालाबों को ट्यूबवेल से लगातार भरा जा रहा है ताकि सांभर और बारहसिंघा जैसे हिरण अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर सकें। वहीं वृद्ध बब्बर शेर ‘गीगो’ का हाल ही में सफल इलाज किया गया है और अब वह पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य आहार ले रहा है। बुजुर्ग शेरों को नियमित रूप से खुले क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है ताकि वे सक्रिय रह सकें और उनकी सेहत बेहतर बनी रहे। पर्यटकों के लिए समय में बदलाव गर्मी के मौसम को देखते हुए सफारी पार्क के खुलने के समय में भी बदलाव किया गया है। अब 1 अप्रैल 2026 से पार्क सुबह 6:30 बजे से ही पर्यटकों के लिए खोला जा रहा है, जिससे सुबह और शाम के समय वन्य जीवों की सक्रियता का आनंद लिया जा सके। उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह के अनुसार, इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य वन्य जीवों को गर्मी से सुरक्षित रखते हुए उन्हें प्राकृतिक और आरामदायक वातावरण प्रदान करना है।

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