अररिया SP ने 21 थानेदारों, 23 रिसर्चर्स से मांगा जवाब:लापरवाही पर एक का सैलरी रोका, बेहतर परफॉरमेंस करने वालों को रिवार्ड

अररिया SP ने 21 थानेदारों, 23 रिसर्चर्स से मांगा जवाब:लापरवाही पर एक का सैलरी रोका, बेहतर परफॉरमेंस करने वालों को रिवार्ड

अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने जिले में कांडों के समयबद्ध निष्पादन और वारंट कुर्की सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत कर अनुशासन और प्रोत्साहन का संतुलित संदेश दिया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप कांड निष्पादित न करने और वारंट कुर्की में देरी के कारण 21 थानेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले 23 अनुसंधानकर्ताओं से भी जवाब तलब किया गया है। एक अनुसंधानकर्ता द्वारा समय पर कांड का प्रभार न सौंपने पर उनका वेतन रोक दिया गया है। दो थानेदारों को एक-एक सुसेवांक से पुरस्कृत किया गया एसपी ने स्पष्ट किया कि जहां लापरवाही करने वालों को सजा दी जा रही है, वहीं अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। पिछले चार माह (जनवरी से अप्रैल 2026) में अपेक्षा से अधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी और वारंट कुर्की के बेहतर निष्पादन के लिए दो थानेदारों को एक-एक सुसेवांक से पुरस्कृत किया गया है। 50 अनुसंधानकर्ताओं को एक-एक सुसेवांक प्रदान किया गया 10 या उससे अधिक कांड निष्पादित करने वाले पांच अनुसंधानकर्ताओं को नगद पुरस्कार दिया गया, जबकि पांच से 10 कांडों का निपटारा करने वाले 50 अनुसंधानकर्ताओं को एक-एक सुसेवांक प्रदान किया गया। एसपी जितेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में केस दर्ज होने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले पूरे जिले में औसतन 500 कांड दर्ज होते थे, जो अब बढ़कर 700 पहुंच गए हैं। केसों की जांच व निपटारे में तेजी लाने के निर्देश यह कार्रवाई जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तेज बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे केसों की जांच व निपटारे में तेजी लाएं तथा वारंट कुर्की को प्राथमिकता दें। पुलिस महकमे में यह दोहरा रणनीति—सजा और पुरस्कार—भविष्य में और बेहतर परिणाम देने वाली साबित हो सकती है। अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने जिले में कांडों के समयबद्ध निष्पादन और वारंट कुर्की सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत कर अनुशासन और प्रोत्साहन का संतुलित संदेश दिया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि लक्ष्य के अनुरूप कांड निष्पादित न करने और वारंट कुर्की में देरी के कारण 21 थानेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अतिरिक्त, अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले 23 अनुसंधानकर्ताओं से भी जवाब तलब किया गया है। एक अनुसंधानकर्ता द्वारा समय पर कांड का प्रभार न सौंपने पर उनका वेतन रोक दिया गया है। दो थानेदारों को एक-एक सुसेवांक से पुरस्कृत किया गया एसपी ने स्पष्ट किया कि जहां लापरवाही करने वालों को सजा दी जा रही है, वहीं अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। पिछले चार माह (जनवरी से अप्रैल 2026) में अपेक्षा से अधिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी और वारंट कुर्की के बेहतर निष्पादन के लिए दो थानेदारों को एक-एक सुसेवांक से पुरस्कृत किया गया है। 50 अनुसंधानकर्ताओं को एक-एक सुसेवांक प्रदान किया गया 10 या उससे अधिक कांड निष्पादित करने वाले पांच अनुसंधानकर्ताओं को नगद पुरस्कार दिया गया, जबकि पांच से 10 कांडों का निपटारा करने वाले 50 अनुसंधानकर्ताओं को एक-एक सुसेवांक प्रदान किया गया। एसपी जितेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 में केस दर्ज होने में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले पूरे जिले में औसतन 500 कांड दर्ज होते थे, जो अब बढ़कर 700 पहुंच गए हैं। केसों की जांच व निपटारे में तेजी लाने के निर्देश यह कार्रवाई जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तेज बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों और अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे केसों की जांच व निपटारे में तेजी लाएं तथा वारंट कुर्की को प्राथमिकता दें। पुलिस महकमे में यह दोहरा रणनीति—सजा और पुरस्कार—भविष्य में और बेहतर परिणाम देने वाली साबित हो सकती है।  

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