अररिया जिलाधिकारी विनोद दूहन ने शनिवार को प्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री फणीश्वर नाथ रेणु के पैतृक गांव रेणु का भ्रमण किया। उन्होंने रेणु जी के ऐतिहासिक आवास और उनसे जुड़ी स्मृतियों का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने रेणु जी के पैतृक आवास परिसर और उनके लेखन स्थल का गहन अवलोकन किया। वे विशेष रूप से उस लेखन कक्ष में रुके, जहां बैठकर रेणु जी ने ‘मैला आंचल’, ‘परती परिकथा’ और ‘कितने चौराहे’ जैसी अमर रचनाएं लिखी थीं। उन्होंने वहां संरक्षित साहित्यिक सामग्री, पुरानी तस्वीरों और दस्तावेजों की सराहना की। फणीश्वर नाथ रेणु पूरे देश की अमूल्य साहित्यिक धरोहर
डीएम विनोद दूहन ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु पूरे देश की अमूल्य साहित्यिक धरोहर हैं। उनकी रचनाएं ग्रामीण भारत की जीवंत छवि, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को प्रस्तुत करती हैं। जिलाधिकारी ने रेणु जी के परिवार के सदस्यों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेणु जी के जीवन, उनके साहित्यिक सफर और विभिन्न स्मृतियों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने इस बात पर जोर दिया कि रेणु जी से जुड़े स्थलों का संरक्षण और संवर्द्धन अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और साहित्य से प्रेरणा मिल सके। पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस साहित्यिक स्थल को बेहतर तरीके से विकसित किया जाए, जिससे यह साहित्य प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। इस अवसर पर रेणु जी के ज्येष्ठ पुत्र एवं पूर्व विधायक पदम पराग रेणु, छोटे पुत्र एवं साहित्यकार दक्षिणेश्वर रेणु सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अररिया और सहायक कोषागार पदाधिकारी अररिया भी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही
रेणु जी के परिवार ने जिलाधिकारी के भ्रमण पर आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन की सक्रियता से रेणु साहित्य की विरासत को और मजबूती मिलेगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन के इस साहित्यिक भ्रमण की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। यह कदम अररिया जिले को साहित्यिक पर्यटन के नजरिए से नई पहचान दिलाने में भी सहायक होगा। अररिया जिलाधिकारी विनोद दूहन ने शनिवार को प्रसिद्ध साहित्यकार पद्मश्री फणीश्वर नाथ रेणु के पैतृक गांव रेणु का भ्रमण किया। उन्होंने रेणु जी के ऐतिहासिक आवास और उनसे जुड़ी स्मृतियों का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने रेणु जी के पैतृक आवास परिसर और उनके लेखन स्थल का गहन अवलोकन किया। वे विशेष रूप से उस लेखन कक्ष में रुके, जहां बैठकर रेणु जी ने ‘मैला आंचल’, ‘परती परिकथा’ और ‘कितने चौराहे’ जैसी अमर रचनाएं लिखी थीं। उन्होंने वहां संरक्षित साहित्यिक सामग्री, पुरानी तस्वीरों और दस्तावेजों की सराहना की। फणीश्वर नाथ रेणु पूरे देश की अमूल्य साहित्यिक धरोहर
डीएम विनोद दूहन ने कहा कि फणीश्वर नाथ रेणु पूरे देश की अमूल्य साहित्यिक धरोहर हैं। उनकी रचनाएं ग्रामीण भारत की जीवंत छवि, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को प्रस्तुत करती हैं। जिलाधिकारी ने रेणु जी के परिवार के सदस्यों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेणु जी के जीवन, उनके साहित्यिक सफर और विभिन्न स्मृतियों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने इस बात पर जोर दिया कि रेणु जी से जुड़े स्थलों का संरक्षण और संवर्द्धन अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और साहित्य से प्रेरणा मिल सके। पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस साहित्यिक स्थल को बेहतर तरीके से विकसित किया जाए, जिससे यह साहित्य प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। इस अवसर पर रेणु जी के ज्येष्ठ पुत्र एवं पूर्व विधायक पदम पराग रेणु, छोटे पुत्र एवं साहित्यकार दक्षिणेश्वर रेणु सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण अररिया और सहायक कोषागार पदाधिकारी अररिया भी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही
रेणु जी के परिवार ने जिलाधिकारी के भ्रमण पर आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन की सक्रियता से रेणु साहित्य की विरासत को और मजबूती मिलेगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन के इस साहित्यिक भ्रमण की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है। यह कदम अररिया जिले को साहित्यिक पर्यटन के नजरिए से नई पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।


