अवैध घरों को रेगुलराइज करने के लिए आज से आवेदन

अवैध घरों को रेगुलराइज करने के लिए आज से आवेदन

झारखंड के सभी नगर निकायों में बिना नक्शा के बने सात लाख से अधिक भवनों को रेगुलराइज करने के लिए 14 मई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। पोर्टल का उद्घाटन गुरुवार को सुबह 11 बजे नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। प्रोजेक्ट भवन के सभागार में पोर्टल का उद्घाटन होगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथोराइज कंस्ट्रक्ड बिल्डिंग रूल्स 2026 के तहत 31 दिसंबर 2024 से पहले तक बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित करने का फैसला लिया है। -शेष पेज 9 पर वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है 7.41 डिसमिल से कम जमीन पर बने भवन ही होंगे वैध : ग्राउंड प्लस टू मतलब तीन मंजिलें भवन जिसकी ऊंचाई 10 मीटर से अधिक नहीं हो, उसे नियमित किया जाएगा। इसके तहत आवेदक के प्लॉट का क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल या 3228 वर्गफीट जो करीब 7.41 डिसमिल से कम होना चाहिए। सिर्फ उन्हीं भवनों को वैध किया जाएगा जिसका निर्माण रैयती जमीन पर हुआ है। भवन का नक्शा पास पर विचलन है तो भी करना होगा आवेदन: वैसे सभी प्रकार के जी प्लस टू आवासीय और व्यवसायिक भवन जिसका निर्माण स्वीकृत भवन प्लान का उल्लंघन करके किया गया है। जैसे एक तल्ले का नक्शा पास है, पर दो तल्ले का निर्माण किया गया है। ऐसे भवन मालिक भी नियमित करने के लिए आवेदन कर पाएंगे। अगर विचलन है तो उसे रेगुलराइज कराना होगा। ऐसे करना होगा आवेदन: बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आर्किटेक्ट या लाइसेंसी इंजीनियर से भवन जैसा है उसी अनुरूप नक्शा बनवाना होगा। साइट प्लान, भवन का फोटो, जमीन का डीड, करेक्शन स्लिप, खतियान की सत्यापित प्रति, होल्डिंग की रसीद, स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट, व्यावसायिक भवनों के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी देना होगा। झारखंड के सभी नगर निकायों में बिना नक्शा के बने सात लाख से अधिक भवनों को रेगुलराइज करने के लिए 14 मई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। पोर्टल का उद्घाटन गुरुवार को सुबह 11 बजे नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। प्रोजेक्ट भवन के सभागार में पोर्टल का उद्घाटन होगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथोराइज कंस्ट्रक्ड बिल्डिंग रूल्स 2026 के तहत 31 दिसंबर 2024 से पहले तक बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित करने का फैसला लिया है। -शेष पेज 9 पर वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है 7.41 डिसमिल से कम जमीन पर बने भवन ही होंगे वैध : ग्राउंड प्लस टू मतलब तीन मंजिलें भवन जिसकी ऊंचाई 10 मीटर से अधिक नहीं हो, उसे नियमित किया जाएगा। इसके तहत आवेदक के प्लॉट का क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल या 3228 वर्गफीट जो करीब 7.41 डिसमिल से कम होना चाहिए। सिर्फ उन्हीं भवनों को वैध किया जाएगा जिसका निर्माण रैयती जमीन पर हुआ है। भवन का नक्शा पास पर विचलन है तो भी करना होगा आवेदन: वैसे सभी प्रकार के जी प्लस टू आवासीय और व्यवसायिक भवन जिसका निर्माण स्वीकृत भवन प्लान का उल्लंघन करके किया गया है। जैसे एक तल्ले का नक्शा पास है, पर दो तल्ले का निर्माण किया गया है। ऐसे भवन मालिक भी नियमित करने के लिए आवेदन कर पाएंगे। अगर विचलन है तो उसे रेगुलराइज कराना होगा। ऐसे करना होगा आवेदन: बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आर्किटेक्ट या लाइसेंसी इंजीनियर से भवन जैसा है उसी अनुरूप नक्शा बनवाना होगा। साइट प्लान, भवन का फोटो, जमीन का डीड, करेक्शन स्लिप, खतियान की सत्यापित प्रति, होल्डिंग की रसीद, स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट, व्यावसायिक भवनों के लिए अग्निशमन विभाग का एनओसी देना होगा।  

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