पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। नदी किनारे एक और संदिग्ध मिसाइल मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि यह मिसाइल भी 100 किलोग्राम से ज्यादा भारी हो सकता है। गांव के कुछ लोग शाम को नदी में मछली पकड़ने गए थे, तभी उनकी नजर किनारे पड़े मिसाइल पर पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग में लाया जाता था यह मिसाइल
कुछ दिन पूर्व भी इसी पानीपड़ा गांव में एक 227 किलो का मिसाइल बरामद किया गया था। उसे 22 दिने पहले ही सेना के अधिकारियों और बम निरोधक दस्ता की टीम द्वारा सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया था। उस समय विशेषज्ञों द्वारा उस बम को अमेरिकी निर्मित बताया गया था, जो कथित रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग में लाया जाता था। अब उसी प्रकार का एक और मिसाइल बम मिलने से इलाके में डर और भी गहरा गया है। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों से एक और मिसाइल मिलने की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। —————————- ये भी खबर पढ़िए जमशेदपुर में 227 किलो का बम हुआ डिफ्यूज:10 फीट गड्ढे में दबाया गया था जिंदा बम, एक किलोमीटर दूर से आर्मी ने किया ऑपरेशन पूरा पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने आज डिफ्यूज कर दिया। इस काम को आर्मी रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की 6 सदस्य की बम निरोधक टीम ने अंजाम दिया। इस काम को करने वाली टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया। इसके अतिरिक्त टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज शामिल रहे। पढ़िए पूरी खबर… पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। नदी किनारे एक और संदिग्ध मिसाइल मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। माना जा रहा है कि यह मिसाइल भी 100 किलोग्राम से ज्यादा भारी हो सकता है। गांव के कुछ लोग शाम को नदी में मछली पकड़ने गए थे, तभी उनकी नजर किनारे पड़े मिसाइल पर पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग में लाया जाता था यह मिसाइल
कुछ दिन पूर्व भी इसी पानीपड़ा गांव में एक 227 किलो का मिसाइल बरामद किया गया था। उसे 22 दिने पहले ही सेना के अधिकारियों और बम निरोधक दस्ता की टीम द्वारा सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया था। उस समय विशेषज्ञों द्वारा उस बम को अमेरिकी निर्मित बताया गया था, जो कथित रूप से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उपयोग में लाया जाता था। अब उसी प्रकार का एक और मिसाइल बम मिलने से इलाके में डर और भी गहरा गया है। ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि ग्रामीणों से एक और मिसाइल मिलने की सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। —————————- ये भी खबर पढ़िए जमशेदपुर में 227 किलो का बम हुआ डिफ्यूज:10 फीट गड्ढे में दबाया गया था जिंदा बम, एक किलोमीटर दूर से आर्मी ने किया ऑपरेशन पूरा पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने आज डिफ्यूज कर दिया। इस काम को आर्मी रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की 6 सदस्य की बम निरोधक टीम ने अंजाम दिया। इस काम को करने वाली टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया। इसके अतिरिक्त टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज शामिल रहे। पढ़िए पूरी खबर…


