Amitabh Bachchan Post: बॉलीवुड के ‘शहंशाह’ और महानायक अमिताभ बच्चन भले ही इस उम्र में फिल्मों में थोड़े कम नजर आते हों, लेकिन सोशल मीडिया की दुनिया में उनका दबदबा आज भी कायम है। 83 साल के हो चुके बिग बी अपने ब्लॉग और एक्स (X) अकाउंट पर काफी एक्टिव रहते हैं। कई बार उनकी बातें और रहस्यमयी पोस्ट फैंस का दिमाग घुमा देती हैं, तो कई बार वह लोगों को जिंदगी जीने का एक नया नजरिया दे जाती हैं। इस बार भी अमिताभ बच्चन ने जीवन की समस्याओं, परेशानियों और उनसे निपटने के तरीकों को लेकर अपने ब्लॉग पर कुछ ऐसा लिखा है, जो इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा का विषय बन गया है।
अमिताभ बच्चन के पोस्ट से फैंस हुए परेशान (Amitabh Bachchan Post)
अमिताभ बच्चन ने 5 जून की सुबह 3:22 बजे अपने ब्लॉग पर जीवन की उलझनों को लेकर बेहद गहरी बात लिखी। उन्होंने बताया कि समस्याओं में भी कैसे पॉजिटिविटी ढूंढी जा सकती है। बिग बी ने लिखा, “समस्याओं की सबसे अच्छी बात यह है कि वह बाद में भी समस्याएं ही रहेंगी, इसलिए उनसे तुरंत निपटना या घबराना जरूरी नहीं है। हर दिन जीवन हमें कुछ न कुछ नया सिखाता है। जब कोई समस्या सामने आती है, तो मन में एक बेचैनी पैदा होती है। यही बेचैनी हमें उस समस्या को गहराई से समझने, उसका पूरा ज्ञान और अनुभव हासिल करने का मौका देती है। यही अनुभव आखिरकार हमारी समझदारी और परिपक्वता को बढ़ाता है।”

अमिताभ बच्चन ने लिखा- समस्याओं का होना भी जरूरी नहीं (Amitabh Bachchan tweets on change)
बिग बी ने समस्याओं को इंसान का सबसे बड़ा शिक्षक बताते हुए आगे लिखा, “सीखने के लिए हर वक्त जिंदगी में समस्या का होना जरूरी नहीं है। लेकिन अगर भविष्य में वैसी ही कोई परिस्थिति दोबारा सामने आती है, तो आप न केवल उसके समाधान के लिए, बल्कि उससे जुड़ी हर संभावना को समझने के लिए पहले से बेहतर तैयार रहते हैं। जीवन में यही नई संभावनाएं इंसान को आगे बढ़ने की हिम्मत देती हैं और जिंदगी को जीने लायक बनाती हैं।”
“सबका अंत निश्चित है, लेकिन बदलाव को स्वीकार करना ही होगा”
इससे पहले 3 जून की सुबह 3:06 बजे भी अमिताभ बच्चन ने ‘बदलाव और जीवन के अंत’ पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने लिखा, “हम हर दिन बदलाव के और करीब आ रहे हैं। जिस चीज को आज हम सामान्य मान रहे हैं, शायद कुछ महीनों बाद वह वैसी न रहे। स्पीड ही सबकुछ है और बदलाव को अपनाना ही होगा, वरना इंसान नष्ट हो जाएगा। अंततः एक दिन हर चीज का अंत होना निश्चित है, लेकिन अपरिहार्य बदलाव का सामना किए बिना कभी नहीं। शाश्वत जीवन केवल एक भ्रम है, जबकि लगातार होने वाला बदलाव ही एकमात्र शाश्वत सत्य है। जब तक जीवित हो, बदलाव को स्वीकार करो।”


