हॉर्मुज स्ट्रेट से मिलेगा फ्री ट्रांजिट! अमेरिका-ईरान में गुप्त समझौता, 300 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव

हॉर्मुज स्ट्रेट से मिलेगा फ्री ट्रांजिट! अमेरिका-ईरान में गुप्त समझौता, 300 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव

Middle East Conflicts: पश्चिम एशिया में बीते करीब चार महीनों से जारी संघर्ष और तनाव अब समाप्त होने जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बीते कुछ दिनों से उच्च स्तरीय बातचीत का दौर चल रहा है। हालांकि दोनों के बीच सीजफायर लागू है, लेकिन हालात तनाव पूर्ण बने हुए है। अब अटकले लगाई जा रही है कि संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित सीजफायर को लेकर वार्ता चल रही है। इस गुप्त समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और करीब 300 अरब डॉलर के निवेश पैकेज का प्रस्तावित शामिल है।

प्रस्तावित समझौते के कुछ बिंदुओं पर असहमति

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शांति वार्ता में शामिल अधिकारी एक नए ड्राफ्ट मेमोरैंडम को लेकर चर्चा की। इसमें दोनों पक्षों से सहमति मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ बिंदुओं पर अभी मंथन चल रहा है। अधिकांश शर्तों पर दोनों पक्ष राज है। प्रस्तावित समझौते में यह तय किया है कि किसी भी पक्ष को ज्यादा भार नहीं पड़े।

ड्राफ्ट समझौते में बिंदु महत्वपूर्ण

बताया जा रहा है कि इस प्रस्तावित ड्राफ्ट समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं शामिल किया गया है। इसमें समझौता ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, अमेरिकी प्रतिबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और दुश्मनी को औपचारिक रूप से खत्म करने पर वार्ता के लिए एक रुपरेखा तैयार की गई है। इस समझौते में सबसे ज्यादा प्रस्तावित अरबों डॉलर का पुनर्निर्माण और निवेश पैकेज पर जोर दिया गया है। आखिरी समझौते पर पहुंचने पर ईरान की अर्थव्यवस्था को मौलिक रूप से नया आकार दे सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभी तक इस ड्राफ्ट समझौते को मंजूरी नहीं मिली है।

दोनों देशों के बीच फिर बातचीत शुरू

आपको बता दें कि इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच शांति को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। पाकिस्तान और कतर सहित कई अन्य क्षेत्रीय मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध और संघर्ष को पूरी तरह से खत्म करने के साथ-साथ एक बहुआयामी समझौता कराने की कोशिश की जा रही है। इससे मध्य पूर्ण पर तनाव की स्थिति खत्म हो और पूर्ण शांति फिर से बहाल करने की कोशिश जारी है। हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने से फिर से संघर्ष की शुरुआत की आशंकाएं जताई गई।

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