FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। विवाद तब बढ़ा, जब सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया से जुड़े खिलाड़ियों व अधिकारियों की एयरपोर्ट पर कड़ी जांच की गई। कुछ मामलों में डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया। इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध अमेरिकी वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। आर्टन वर्ल्ड कप में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई। इस फैसले पर सोमालिया के खेल मंत्रालय ने नाराजगी जताई है और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया है। फीफा पर भी सवाल कई यूजर्स ने फीफा पर भी आरोप लगाया कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था उन देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर चुप है। सोशल मीडिया पर विवाद जांच से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई फुटबॉल प्रशंसकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ “अपराधियों जैसा व्यवहार” किया गया, जबकि वे विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में हिस्सा लेने आए थे। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार सभी टीमों के साथ समान था। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- क्या किसी श्वेत टीम के साथ भी ऐसा हुआ, या यह व्यवहार केवल सेनेगल के लिए था? यह अजीब है।


